यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Muktsar News: ग्रामीण खेत मजदूर यूनियन ने कृषि मंत्री की रिहायश का किया घेराव, तीन दिन तक चलेगा धरना; जानें क्या है वजह
अपनी लंबित मांगों को लेकर ग्रामीण खेत मजदूर यूनियन ने कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां की रिहायश का घेराव किया गया। यूनियन ने की ओर से क्षेत्र में रो ...और पढ़ें

HighLights
- तीन दिन तक मंत्री की कोठी के आगे चलेगा मजदूरों का धरना
- पंजाब सरकार के खिलाफ की गई नारेबाजी
संवाद सूत्र, लंबी (मुक्तसर)। अपनी लंबित मांगों को लेकर ग्रामीण खेत मजदूर यूनियन (Rural Farm Workers Union) की ओर से क्षेत्र में रोष मार्च निकालने के बाद कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां (Agriculture Minister Gurmeet Singh Khuddian) के घर का घेराव किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने घर के बाहर धरना लगा कर पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सरकार को मजदूर विरोधी बताया। धरने में जिला श्री मुक्तसर साहिब सहित बठिंडा, फरीदकोट,मोगा व फाजिल्का से भी खेत मजदूर शामिल हुए। मजदूरों ने मंत्री के घर के बाहर तीन दिवसीय धरना शुरू किया है। धरने में भारी संख्या में मजदूर महिलाएं भी शामिल थीं।
पंजाब सरकार पर लगाए ये आरोप
पंजाब खेत मजदूर यूनियन के प्रदेश महासचिव लक्ष्मण सिंह, ग्रामीण मजदूर सभा के नेता हरजीत सिंह ने कहा कि पूर्व सरकारों की भांति पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार भी जनता को गुमराह कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान विज्ञापनों के माध्यम से पंजाब के लोगों से झूठ बोल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बार बार मजदूर संगठनों को बैठक का समय देकर मुकर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मजदूरों को आत्म निर्भर बनाने के लिए रोजगार की गारंटी दी जाए। मजदूरी रेट में बढ़ोतरी खी जाए।
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ये हैं मांगे
जमीनी हदबंदी कानून सख्ती से लागू किया जाए और कर्ज माफ किए जाएं। लेकिन पंजाब सरकार उनकी उक्त मांगों की तरफ बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय जो गारंटी दी गई थी सरकार उनसे भी भाग रही है।
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उन्होंने कहा कि मजदूरों को रिहायशी प्लाट दिए जाएं, दिहाड़ी 700 रुपये कर स्थायी रोजगार दिया जाए, दिहाड़ी के घंटे बढ़ाने का नोटिफिकेशन रद्द किया जाए, पेंशन पांच हजार रुपये की जाए, संघर्ष दौरान दर्ज किए केस रद्द किए जाएं।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार अगर उनकी उक्त मांगों को स्वीकार कर लागू नहीं करती तो वह संघर्ष को और तेज करेंगे। इस अवसर पर गुरपाल सिंह नंगल, मिट्ठू सिंह, गुरमुख सिंह, गुरप्रीत कौर व अन्य उपस्थित थे।
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