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    मुक्तसर में 10 फुट गहरे मैनहोल में उतरा मजदूर नहीं लौटा; रात भर चला तलाश अभियान, 16 घंटे बाद निकला शव

    Updated: Wed, 11 Mar 2026 02:43 PM (IST)

    मुक्तसर में सीवरेज सफाई के दौरान 21 वर्षीय मजदूर 10 फुट गहरे मैनहोल में लापता हो गया। करीब 16 घंटे बाद उसका शव निकाला गया। मामले में अधिकारियों की लाप ...और पढ़ें

    मैनहोल से निकाले गए शव को लेकर जाते हुए प्रशासन।

    मैनहोल से निकाले गए शव को लेकर जाते हुए प्रशासन।

    HighLights

    1. श्री मुक्तसर साहिब में सीवरेज सफाई के दौरान हादसा।

    2. 10 फुट गहरे मैनहोल में मजदूर की मौत हुई।

    3. 16 घंटे बाद निकाला गया शव, जांच टीम गठित।

    जागरण संवाददाता, श्री मुक्तसर साहिब। पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब में सीवरेज सफाई के दौरान हुई बड़ी लापरवाही के चलते पश्चिम बंगाल के एक मजदूर की मौत हो गई। मजदूर को रात करीब नौ बजे सीवरेज के लगभग दस फुट गहरे मैनहोल में उतारा गया था, लेकिन वह बाहर नहीं निकल पाया। करीब सोलह घंटे तक चले प्रयास के बाद दोपहर लगभग एक बजे उसका शव बाहर निकाला गया।

    मृतक की पहचान 21 वर्षीय जयदुलशलिम निवासी जिला मालदा, पश्चिम बंगाल के रूप में हुई है। घटना के बाद अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन ने मामले की जांच के लिए चार अधिकारियों की एक टीम गठित की है, जिसमें दो उप मंडल अधिकारी स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं।

    जानकारी के अनुसार यह घटना मुक्तसर में मार्केट कमेटी कार्यालय के पीछे स्थित सीवरेज मैनहोल में हुई। मजदूरों के अनुसार रात करीब नौ बजे एक सुपरवाइजर और कनिष्ठ अभियंता उनके पास आए और जयदुलशलिम को अपने साथ ले गए। मजदूरों ने जब पूछा तो उन्हें बताया गया कि थोड़ी देर के लिए मैनहोल की सफाई करवानी है और वह जल्द वापस आ जाएगा।

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    मृतक अकेले उतरा था मैनहोल में

    मजदूरों का आरोप है कि संबंधित काम का ठेका उनके पास नहीं था, फिर भी जयदुलशलिम को अकेले मैनहोल में उतार दिया गया। कुछ देर बाद सुपरवाइजर ने उन्हें सूचना दी कि उनका साथी मैनहोल से बाहर नहीं निकल रहा है। सूचना मिलते ही साथी मजदूर मौके पर पहुंचे और उन्होंने खुद ही उसे ढूंढने का प्रयास शुरू कर दिया।

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    मजदूर मुरशिद अली ने बताया कि वह खुद भी मैनहोल में करीब दस मीटर तक अंदर गया, लेकिन जयदुलशलिम का कोई पता नहीं चल सका। उनका आरोप है कि घटना के बाद सुपरवाइजर और कनिष्ठ अभियंता मौके से चले गए और देर रात तक कोई प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर नहीं पहुंचा।

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    बड़ा गड्‌ढा खोद निकाला गया बाहर

    करीब सोलह घंटे तक चले प्रयास के बाद बड़ा गड्ढा खोदकर मैनहोल के आसपास से शव बाहर निकाला गया। इस घटना से मजदूरों में रोष है और उन्होंने अधिकारियों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। साथी मजदूरों के अनुसार जयदुलशलिम शादीशुदा था और उसका एक दो साल का बच्चा है।

    उसकी पत्नी गर्भवती भी है। मजदूरों का कहना है कि यदि सफाई का काम करवाना था तो सभी मजदूरों को साथ लेकर जाना चाहिए था, लेकिन उसे अकेले ही मैनहोल में उतार दिया गया। घटना के बाद प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। चार अधिकारियों की टीम पूरे घटनाक्रम की जांच कर यह पता लगाएगी कि हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है। मजदूरों ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मृतक के परिवार को उचित सहायता देने की मांग की है।

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