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    शिक्षा विभाग के कार्यालय कर्मचारियों ने 31 हजार प्रति महीना वेतन कटौती का किया विरोध; काम बंद करने का ऐलान

    Updated: Mon, 23 Feb 2026 05:36 PM (IST)

    नवांशहर में शिक्षा विभाग के कार्यालय कर्मचारी 31,000 रुपये मासिक वेतन कटौती के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने 24 फरवरी से काम बंद करने की घोषणा क ...और पढ़ें

    शहीद भगत सिंह नगर में उप जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कर्मचारी।

    शहीद भगत सिंह नगर में उप जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कर्मचारी।

    संवाद सूत्र, नवांशहर। शिक्षा विभाग के कार्यालय कर्मचारी जो 31000 रुपये प्रति महीना वेतन कटौती के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने मंगलवार से काम बंद करने का ऐलान किया। 20 साल से शिक्षा विभाग की पूरी लगन से सेवा कर रहे 31000 प्रति महीना वेतन कटौती से परेशान कार्यालय कर्मचारियों ने 24 फरवरी से विभाग का काम पूरी तरह से ठप करने का ऐलान किया है।

    कर्मचारियों ने अपनी उक्त मांग को लेकर उप जिला शिक्षा अधिकारी को मांग पत्र सौंपा। नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों ने वेतन कटौती को लेकर 17 फरवरी को मोहाली में विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कर्मचारियों का वेतन न काटने और 01.04.2018 से रेगुलर आर्डर के बारे में 2 दिन के अंदर फाइल वित्त विभाग को भेजने का वादा किया था, लेकिन अब विभाग अपने वादे से मुकर रहा है और कर्मचारियों की फाइल 6 दिन बाद भी शिक्षा विभाग में घूम रही है।

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    5 महीनों के बाद भी वित्त विभाग के पास नहीं पहुंची फाइल

    नेताओं ने कहा कि यह फाइल 10 अक्टूबर से शुरू हुई थी, जिसे 5 महीने बाद भी शिक्षा विभाग ने वित्त विभाग को नहीं भेजा है, जिससे सभी कर्मचारियों में गुस्सा है। कर्मचारियों का कहना है कि जिस विभाग को उन्होंने अपनी जिंदगी के 15 से 20 साल दिए, वह अब कर्मचारियों की बची हुई जिंदगी बर्बाद करने की कोशिश कर रहा है।

    08/09/2025 को मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में कैबिनेट बैठक के दौरान और कैबिनेट बैठक के बाद वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने अधिकारियों को वेतन कम न करने और कोई ठोस फैसला लेने के लिए बार-बार निर्देश दिए, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सरकार के आदेशों को नजरअंदाज़ कर दिया।

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    इस अवसर पर सेक्रेटरी स्कूल एजुकेशन ने 10/10/2025 को संगठन के साथ बैठक की, जिसमें उनके साथ हुई बातचीत के अनुसार, 01.04.2018 से अध्यापकों की तर्ज पर कर्मचारियों को रेगुलर करने और वेतन कम न करने के बारे में चर्चा हुई।

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    एक टेबल से दूसरे टेबल पर घूम रही फाइल

    इस दौरान उन्हें आग्रह पत्र भी दिया गया, लेकिन 5 महीने बाद भी 01.04.2018 से वेतन के बारे में आदेश देने या फैसला लेने की फाइल शिक्षा सचिव के कार्यालय में एक टेबल से दूसरी टेबल पर घूम रही है। जानकारी देते हुए सर्व शिक्षा अभियान, मिड-डे मील कार्यालय कर्मचारी यूनियन के नेता जगदीश राय ने कहा राज्य सरकार कर्मचारियों की सैलरी काटने पर तुली हुई है और बार-बार अपने वादों से मुकर रही है।

    उन्होंने ऐलान किया कि सरकार के इस फैसले के खिलाफ कार्यालय कर्मचारी 25 फरवरी को सामूहिक छुट्टी लेकर मुख्यमंत्री के शहर में इकट्ठा होंगे और संगरूर में मुख्यमंत्री के घर की तरफ मार्च करेंगे। नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर कर्मचारियों का वेतन काटने के आदेश बंद नहीं किए गए, तो मंत्रियों के घरों के बाहर भी गुप्त कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर उनके साथ रणजीत सिंह, राजिंदर शर्मा, चेतन कुमार, रीना राय आदि साथी मौजूद थे।

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