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मौखिक भरोसे पर नहीं माने छात्र, लिखित आदेश पर अड़े; पंजाबी यूनिवर्सिटी में फीस बढ़ोतरी के खिलाफ धरना जारी

Published: Mon, 31 Aug 2026 12:11 PM (IST)

पंजाबी यूनिवर्सिटी प्रशासन ने फीस बढ़ोतरी वापस लेने की बात कही, लेकिन स्टूडेंट्स लिखित आदेश की मांग पर अड़े हैं। वीसी दफ्तर के बाहर धरना जारी है।

पंजाबी यूनिवर्सिटी में वीसी कार्यालय के बाहर बैठे स्टूडेंट्स।

पंजाबी यूनिवर्सिटी में वीसी कार्यालय के बाहर बैठे स्टूडेंट्स।

जागरण संवाददाता, पटियाला। पंजाबी यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से फीस बढ़ोतरी का फैसला वापस लिए जाने के बावजूद स्टूडेंट्स ने अपना धरना समाप्त नहीं किया है। स्टूडेंट्स ने स्पष्ट किया है कि जब तक प्रशासन फीस बढ़ोतरी वापस लेने संबंधी लिखित आदेश जारी नहीं करता, तब तक वीसी दफ्तर के बाहर उनका धरना जारी रहेगा।

धरने पर बैठे स्टूडेंट्स का कहना है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने फीस बढ़ोतरी का फैसला वापस लेने की बात कही है, लेकिन अभी तक उन्हें इसका लिखित आश्वासन या आदेश नहीं दिया गया है। ऐसे में वे केवल मौखिक भरोसे के आधार पर अपना आंदोलन समाप्त करने को तैयार नहीं हैं।

स्टूडेंट्स ने कहा कि फीस बढ़ोतरी का फैसला वापस लेने की बात स्पष्ट रूप से लिखित में सामने आनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस फैसले को दोबारा लागू किए जाने को लेकर कोई संशय न रहे। उनका कहना है कि लिखित आदेश मिलने के बाद ही धरना समाप्त करने पर विचार किया जाएगा।

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हॉस्टल की सुविधाओं पर भी उठाया मुद्दा

स्टूडेंट्स के अनुसार, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने हॉस्टलों की मरम्मत और सुविधाओं में सुधार के लिए करीब दो करोड़ 80 लाख रुपये का बजट भी मंजूर किया है। स्टूडेंट्स का कहना है कि हॉस्टल सुविधाओं में सुधार के साथ फीस से जुड़े फैसले को लेकर भी प्रशासन को स्पष्टता रखनी चाहिए।

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लिखित आदेश के बाद ही धरना होगा वापस

उन्होंने कहा कि हॉस्टलों की मरम्मत के लिए बजट मंजूर करना सकारात्मक कदम है, लेकिन फीस बढ़ोतरी वापस लेने का निर्णय भी लिखित रूप में दिया जाना जरूरी है।

फिलहाल वीसी दफ्तर के बाहर स्टूडेंट्स का धरना जारी है। उनका कहना है कि जैसे ही प्रशासन फीस बढ़ोतरी वापस लेने संबंधी लिखित आदेश जारी करेगा, उसके बाद आंदोलन समाप्त करने को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

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