तरनतारन में 2.50 लाख का फर्जी असलहा लाइसेंस, 12 साल बाद रिन्यू कराने पहुंचे व्यक्ति के उड़े होश; एजेंट अरेस्ट
तरनतारन के एक व्यापारी को 12 वर्ष पहले फर्जी असलहा लाइसेंस थमा दिया गया। रिन्यू के दौरान लाइसेंस ऑनलाइन रिकॉर्ड में नहीं मिला। पुलिस ने एजेंट को गिरफ् ...और पढ़ें

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HighLights
व्यापारी को 12 साल पहले मिला फर्जी असलहा लाइसेंस।
लाइसेंस नवीनीकरण आवेदन के दौरान धोखाधड़ी का खुलासा।
एजेंट करण सिंह गिरफ्तार, फर्जी रिवाल्वर जब्त।
जागरण संवाददाता, तरनतारन। तरनतारन जिले में फर्जी असलहा लाइसेंस का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक व्यापारी को करीब 12 वर्ष पहले असली बताकर फर्जी असलहा लाइसेंस थमा दिया गया। इतना ही नहीं, उसी लाइसेंस पर रिवाल्वर भी दर्ज करवा दी गई। पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब लाइसेंस की अवधि समाप्त होने पर उसके नवीनीकरण के लिए आवेदन किया गया।
ऑनलाइन रिकॉर्ड में लाइसेंस का कोई विवरण नहीं मिलने पर धोखाधड़ी का पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एजेंट करण सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता तरसेम सिंह तरनतारन जिले के गांव कुल्ला के रहने वाले हैं और कपड़े का कारोबार करते हैं। उन्होंने बताया कि करीब 12 वर्ष पहले उनकी दुकान पर लूट का प्रयास हुआ था। घटना के बाद उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए असलहा लाइसेंस बनवाने का फैसला किया।
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भरोसे में लेकर ढाई लाख वसूले
इसी दौरान उनकी मुलाकात पंडोरी गोला निवासी करण सिंह से हुई। करण सिंह ने दावा किया कि उसकी अधिकारियों के साथ अच्छी पहचान है और वह आसानी से असलहा लाइसेंस बनवा देगा। इसके बदले उसने लाइसेंस बनवाने के लिए ढाई लाख रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता ने उसकी बातों पर भरोसा कर रकम दे दी।
इसके बाद एजेंट ने रिवाल्वर खरीदकर उपलब्ध कराने के नाम पर भी एक लाख 90 हजार रुपये अलग से ले लिए। कुछ समय बाद उसने व्यापारी को असलहा लाइसेंस और रिवाल्वर सौंप दी। व्यापारी ने दस्तावेजों को सही मानते हुए कभी उनकी आधिकारिक जांच नहीं करवाई और वर्षों तक उसी लाइसेंस के आधार पर रिवाल्वर अपने पास रखी।
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अवधि समाप्त होने पर दिया रीन्यू आवेदन
हाल ही में जब लाइसेंस की अवधि समाप्त होने लगी तो उसके नवीनीकरण के लिए आवेदन किया गया। संबंधित विभाग में ऑनलाइन रिकॉर्ड की जांच के दौरान पता चला कि लाइसेंस का कोई आधिकारिक विवरण उपलब्ध ही नहीं है। इसके बाद व्यापारी को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ और उसने पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र लांबा ने बताया कि शिकायत की जांच के दौरान आरोप सही पाए गए। जांच के आधार पर पंडोरी गोला निवासी एजेंट करण सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
लाइसेंस पर दर्ज रिवाल्वर भी जब्त
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर फर्जी असलहा लाइसेंस और उस पर दर्ज रिवाल्वर भी बरामद कर ली है। अब यह जांच की जा रही है कि आरोपी ने इसी तरह कितने अन्य लोगों को फर्जी लाइसेंस बनाकर दिए हैं और इस पूरे गिरोह में उसके साथ कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि असलहा लाइसेंस या किसी भी सरकारी दस्तावेज को केवल अधिकृत प्रक्रिया के माध्यम से ही बनवाएं और समय-समय पर उसकी आधिकारिक जांच भी अवश्य कराएं, ताकि इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके।