बाड़मेर: 55 दिनों का विरोध प्रदर्शन, जमीन हड़पने के मामले में अकेले अनशन पर बैठा 60 साल का शख्स
बाड़मेर के अंबाराम मेघवाल ने अपनी हड़पी गई जमीन वापस पाने के लिए 55 दिनों तक अकेले विरोध प्रदर्शन किया। ...और पढ़ें

बाड़मेर में 55 दिनों तक विरोध प्रदर्शन पर बैठा शख्स (फोटो-सोशल मीडिया)
HighLights
अंबाराम मेघवाल ने 55 दिनों तक जमीन हड़पने के खिलाफ प्रदर्शन किया।
बाड़मेर में राणा राजपूतों पर जमीन हड़पने का आरोप।
प्रशासन ने जांच का वादा कर विरोध प्रदर्शन समाप्त कराया।
डिजिटल डेस्क, जयपुर। राजस्थान के बाड़मेर में अंबाराम मेघवाल नाम के शख्स कई दिनों से प्रोटेस्ट पर अकेले ही बैठे थे। आखिरकार 55 दिनों बाद सरकार तक उनकी आवाज पहुंची और उन्होंने अपना विरोध प्रदर्शन खत्म किया।
अंबाराम मेघवाल अपने गांव डेडूसर में विरोध प्रदर्शन पर बैठे थे। वे राणा राजपूतों के उनकी जमीन हड़पने के खिलाफ विरोध कर रहे थे। हालांकि प्रशासन ने उनकी मांग पर जांच करने का वादा किया और उनका विरोध प्रदर्शन खत्म कराया।
55 दिनों का विरोध प्रदर्शन
अंबाराम मेघवाल की उम्र 60 साल के करीब है। अंबाराम का मामला चोहटन तहसील के डेडूसर गांव में उनकी हड़पी गई जमीन को वापस पाने से जुड़ा है। उनका दावा है कि राणा राजपूतों ने सालों पहले नकली कागजात के जरिए जबरदस्ती उनकी जमीन हड़प ली थी।
थार रेगिस्तान में स्थित डेडूसर गांव रेत के टीलों से घिरा है, जहां पेड़-पौधे कम हैं और मौसम बहुत कठोर है। यहीं पर इसी गांव में अंबाराम 55 दिनों तक जिला कलेक्ट्रेट के सामने बैठे रहे।
कुछ पत्रकारों ने उन पर ध्यान दिया और सोशल मीडिया पर उनकी रील्स डालीं। मंगलवार, 28 जुलाई को अंबाराम की आवाज प्रशासन तक पहुंची और उन्होंने अपना विरोध प्रदर्शन खत्म किया।
अंबाराम ने एक अखबार को बातचीत में बताया, 'मैं आज अपना विरोध खत्म कर रहा हूं क्योंकि प्रशासन ने मेरी जमीन हड़पने के मामले की जांच करने का वादा किया है।'
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