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    IIT जोधपुर में पानी का संकट, टैंकर के पीछे दौड़ते दिखे छात्र; वीडियो वायरल

    Updated: Sat, 02 May 2026 05:09 PM (IST)

    आईआईटी जोधपुर में पीने के पानी की गंभीर समस्या सामने आई है, जहां एक वायरल वीडियो में छात्र पानी के टैंकर के पीछे दौड़ते दिखे। संस्थान के निदेशक ने समस ...और पढ़ें

    IIT जोधपुर में पानी का संकट, टैंकर के पीछे दौड़ते दिखे छात्र (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)

    IIT जोधपुर में पानी का संकट, टैंकर के पीछे दौड़ते दिखे छात्र (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)

    HighLights

    1. छात्र पानी के टैंकर के पीछे दौड़ते हुए दिखे।

    2. आईआईटी जोधपुर निदेशक ने पानी की समस्या स्वीकार की।

    3. स्थायी समाधान के लिए राज्य सरकार से सीधी पाइपलाइन की मांग।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आईआईटी जोधपुर से सामने आया एक वीडियो इन दिनों चर्चा में है, जिसने संस्थान में पीने के पानी की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। आमतौर पर जहां छात्र पढ़ाई और रिसर्च में व्यस्त रहते हैं, वहीं यहां उन्हें बुनियादी जरूरत यानी पानी के लिए जूझना पड़ रहा है। यह स्थिति एक राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के लिए चिंता का विषय बन गई है।

    यह मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें छात्र पानी के टैंकर के पीछे दौड़ते नजर आए। वीडियो में एक छात्र टैंकर के पीछे भागते हुए पानी लेने की कोशिश करता दिख रहा है, जिसने लोगों का ध्यान इस समस्या की ओर खींचा।

    इस पर प्रतिक्रिया देते हुए संस्थान के निदेशक अविनाश कुमार अग्रवाल ने समस्या को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि आईआईटी जोधपुर शायद राजस्थान का इकलौता केंद्रीय संस्थान है, जहां नियमित साफ पानी की सप्लाई नहीं है और यहां ग्रामीण जल आपूर्ति पर निर्भर रहना पड़ता है।

    पानी की सप्लाई को लेकर बड़ी चुनौती

    निदेशक अविनाश कुमार अग्रवाल ने बताया कि जोधपुर के अन्य संस्थानों के विपरीत, आईआईटी परिसर को खुद ही पानी की व्यवस्था करनी पड़ती है। यहां पानी पंपिंग स्टेशन से लाया जाता है, जिससे सप्लाई बनाए रखना एक चुनौती बन जाता है।

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    हाल ही में यह समस्या तब और बढ़ गई जब पंपिंग स्टेशन की एक मशीन वोल्टेज में उतार-चढ़ाव के कारण खराब हो गई। इससे पानी की सप्लाई पूरी तरह बाधित हो गई और छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि मशीन को ठीक करने के लिए कर्मचारियों ने करीब 30 घंटे तक लगातार काम किया, तब जाकर स्थिति सामान्य हो सकी।

    वैकल्पिक व्यवस्था और आगे की योजना

    निदेशक के अनुसार, जब भी ऐसी स्थिति बनती है तो संस्थान को पास के सुरपुरा गांव से पानी मंगवाना पड़ता है। यह व्यवस्था अस्थायी होती है और लंबे समय तक इसका समाधान नहीं है।

    उन्होंने इस समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि स्थायी समाधान के लिए राज्य सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि संस्थान को नियमित पानी की सप्लाई उपलब्ध कराई जाए।

    अग्रवाल ने यह भी बताया कि जल्द ही मुख्य सचिव से मुलाकात कर आईआईटी जोधपुर तक सीधी पाइपलाइन बिछाने का अनुरोध किया जाएगा, ताकि छात्रों और स्टाफ को भविष्य में ऐसी दिक्कतों का सामना न करना पड़े।

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