'लड़का होता तो अच्छा था', उदयपुर में चौथी बेटी होने पर पिता ने खाया जहर; घर की महिलाओं ने बचाई जान
बांसवाड़ा में चौथी बेटी के जन्म के बाद एक 32 वर्षीय युवक ने बेटे की चाह में जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। ...और पढ़ें

चौथी बेटी के पैदा होने पर पिता ने खाया जहर (प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
बांसवाड़ा में चौथी बेटी के जन्म पर पिता ने जहर खाया।
बेटे की चाह में युवक ने उठाया यह आत्मघाती कदम।
परिवार की महिलाओं और डॉक्टरों ने उसकी जान बचाई।
जागरण संवाददाता, उदयपुर। राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में बेटी के जन्म को लेकर समाज में व्याप्त भेदभाव की सोच का एक चिंताजनक मामला सामने आया है।
चौथी बेटी के जन्म के बाद 32 वर्षीय युवक ने जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास कर लिया। समय रहते परिवार की महिलाओं की सतर्कता और डॉक्टरों के प्रयास से उसकी जान बच गई। फिलहाल उसका अस्पताल में उपचार जारी है और हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
चौथी बेटी के जन्म पर पिता ने की आत्महत्या की कोशिश
परिजनों के अनुसार युवक की पत्नी ने 23 जुलाई को चौथी बेटी को जन्म दिया था। पहले से तीन बेटियां होने के कारण वह मानसिक तनाव में रहने लगा। उसकी बहन ने बताया, 'वह अक्सर कहता था कि मेरे यहां लड़कियां ही लड़कियां हो रही हैं, लड़का होता तो अच्छा था।'
रविवार शाम करीब चार बजे उसने घर में जहरीला पदार्थ पी लिया। कुछ ही देर में उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। उस समय घर पर उसकी मां, पत्नी और बहन मौजूद थीं। तीनों ने तत्काल एम्बुलेंस बुलाकर उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
डॉक्टरों ने बताया कि समय पर अस्पताल पहुंचने और इलाज शुरू होने से उसकी जान बच गई। फिलहाल उसे वार्ड में भर्ती कर निगरानी में रखा गया है।
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