यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Aja Ekadashi 2024: अजा एकादशी व्रत से जीवन की बाधाओं का होगा अंत, भगवान विष्णु को अर्पित करें प्रिय फूल
सनातन धर्म में एकादशी व्रत को बेहद शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि एकादशी व्रत के दौरान भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने से जीवन मे ...और पढ़ें

HighLights
- एकादशी तिथि का विशेष महत्व है।
- भाद्रपद माह में अजा एकादशी व्रत किया जाता है।
- विष्णु जी की पूजा से शुभ फल प्राप्त होता है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। जगत के पालनहार भगवान विष्णु को एकादशी तिथि समर्पित है। हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी को यह व्रत किया जाता है। भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अजा एकादशी (Aja Ekadashi 2024) के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मत है कि इस दिन सच्चे मन से श्रीहरि और धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने से साधक को जीवन के पापों से मुक्ति मिलती है। साथ ही सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। अजा एकादशी की पूजा के समय प्रभु को प्रिय फूल जरूर अर्पित करने चाहिए। ऐसा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।
कब है अजा एकादशी? (Aja Ekadashi 2024 Shubh Muhurat)
पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत गुरुवार 29 अगस्त को देर रात 01 बजकर 19 मिनट पर होगा। वहीं, इसका समापन शुक्रवार 30 अगस्त को देर रात 01 बजकर 37 मिनट पर होगा। ऐसे में 29 अगस्त को अजा एकादशी व्रत किया जाएगा।
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भगवान विष्णु को चढ़ाएं प्रिय फूल
- अजा एकादशी के दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान विष्णु की उपासना जरूर करनी चाहिए। साथ ही प्रभु को प्रिय फूल अर्पित करना बिल्कुल भी न भूलें। इस दिन पूजा के दौरान श्रीहरि को गेंदा के फूल चढ़ाएं। मान्यता है कि ऐसा करने से साधक को समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
- इसके अलावा अजा एकादशी की पूजा थाली में लाल गुलाब भी शामिल करें। माना जाता है कि प्रभु को लाल गुलाब अर्पित करने से साधक के बिगड़े काम पूरे होने लगते हैं और घर में मां लक्ष्मी का वास होता है।
- शंखपुष्पी का फूल भगवान विष्णु का प्रिय माना जाता है। अगर आप जीवन में किसी तरह की बाधाओं का सामना कर रहे हैं, तो अजा एकादशी के दिन भगवान विष्णु को शंखपुष्पी के फूल अर्पित करें। इससे घर में सदैव बरकत बनी रहती है और सभी बाधाओं का अंत होता है।
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