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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jaya Ekadashi 2024 Date: फरवरी में कब है जया एकादशी? जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

    By Kaushik SharmaEdited By: Kaushik Sharma
    Updated: Wed, 07 Feb 2024 05:06 PM (IST)

    माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जया एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस बार माघ में जया एकादशी 20 फरवरी को है। एकादशी व्रत का आरंभ सूर्योदय से होता ह ...और पढ़ें

    Jaya Ekadashi 2024: फरवरी में कब है जया एकादशी? जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
    Jaya Ekadashi 2024: फरवरी में कब है जया एकादशी? जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

    HighLights

    1. हर महीने में 2 एकादशी तिथि पड़ती है।
    2. माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जया एकादशी होती है।
    3. माघ माह की दूसरी एकादशी 20 फरवरी को है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Jaya Ekadashi 2024 Date: हर महीने में 2 एकादशी तिथि पड़ती है। एक कृष्ण पक्ष और दूसरी शुक्ल पक्ष में। माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जया एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस बार माघ माह में जया एकादशी 20 फरवरी को है। एकादशी व्रत का आरंभ सूर्योदय से होता है और इसके अगले दिन द्वादशी तिथि को समाप्त होता है। मान्यता है कि एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से सुख-समृद्धि प्राप्त होती है और भगवान विष्णु जी का आशीर्वाद मिलता है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि जया एकादशी का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पूजा सामग्री लिस्ट के बारे में।

    जया एकादशी 2024 शुभ मुहूर्त

    सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। पंचांग के अनुसार, जया एकादशी तिथि की शुरुआत 19 फरवरी को सुबह 08 बजकर 49 मिनट से होगी और इसके अगले दिन यानी 20 फरवरी को सुबह 09 बजकर 55 मिनट पर तिथि समाप्त होगी। जया एकादशी व्रत 20 फरवरी को है।

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    जया एकादशी पूजा विधि

    • जया एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर दिन की शुरुआत भगवान विष्णु के ध्यान से करें।
    • इसके बाद स्नान कर पीले रंग के वस्त्र धारण करें।
    • अब मंदिर की साफ-सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव कर शुद्ध करें।
    • इसके बाद घी का दीपक जलाकर जगत के पालनहार भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा करें और साथ ही पुष्प, धूप-दीप, तुलसी, चंदन, मिष्ठान आदि चीजें अर्पित करें।
    • इसके बाद भगवान विष्णु के स्तोत्र का पाठ करें और व्रत कथा पढ़ें।
    • अंत में भगवान विष्णु की आरती कर भोग लगाएं।
    • इसके पश्चात लोगों में प्रसाद का वितरण करें।

    पूजा सामग्री लिस्ट

    • भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की प्रतिमा
    • कुमकुम
    • धूप
    • दीपक
    • फल
    • फूल
    • मिठाई
    • अक्षत

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    डिसक्लेमर: 'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'

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