हर अधूरी इच्छा होगी पूरी, कामदा एकादशी पर इन मंत्रों के जप से होगा बेड़ा पार
हिंदू धर्म में एकादशी तिथि पूर्ण रूप से लक्ष्मी-नारायण की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित मानी गई है। ...और पढ़ें
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एकादशी पर करें इन मंत्रों का जप (AI Generated Image)
HighLights
भगवान विष्णु की पूजा के लिए समर्पित है एकादशी
विष्णु, लक्ष्मी और तुलसी जी के मंत्रों के जप से होगा लाभ
एकादशी पर जरूर ध्यान रखें कुछ खास नियम
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी पर कामदा एकादशी मनाई जाती है, जो इस बार रविवार, 29 मार्च को मनाई जा रही है। इस तिथि को भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना व उनकी कृपा प्राप्ति के लिए उत्तम माना गया है। ऐसे में आप इस दिन पर कुछ विशेष मंत्रों के जप द्वारा भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के साथ-साथ तुलसी जी की कृपा भी प्राप्त कर सकते है। चलिए पढ़ते हैं कृपा प्राप्ति के मंत्र।
भगवान विष्णु के मंत्र
1. ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
2. विष्णु भगवते वासुदेवाय मन्त्र
ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय॥
3. ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥
4. शान्ताकारम् भुजगशयनम् पद्मनाभम् सुरेशम्
विश्वाधारम् गगनसदृशम् मेघवर्णम् शुभाङ्गम्।
लक्ष्मीकान्तम् कमलनयनम् योगिभिर्ध्यानगम्यम्
वन्दे विष्णुम् भवभयहरम् सर्वलोकैकनाथम्॥

(Picture Credit: Freepik) (AI Image)
मां लक्ष्मी के मंत्र
1. मूल मंत्र - ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नमः
2. धन प्राप्ति मंत्र - ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः
3. महा लक्ष्मी मंत्र - ॐ महालक्ष्म्यै नमः
4. प्रसिद्ध स्तुति मंत्र - या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
5. लक्ष्मी कुबेर मंत्र - ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः॥
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(AI Generated Image)
तुलसी जी के मंत्र
1. महाप्रसाद जननी सर्व सौभाग्यवर्धिनी, आधि व्याधि हरा नित्यं तुलसी त्वं नमोस्तुते।।
2. तुलसी गायत्री - ॐ तुलसीदेव्यै च विद्महे, विष्णुप्रियायै च धीमहि, तन्नो वृन्दा प्रचोदयात् ।।
3. तुलसी नामाष्टक मंत्र -
वृंदा वृंदावनी विश्वपूजिता विश्वपावनी।
पुष्पसारा नंदनीय तुलसी कृष्ण जीवनी।।
एतभामांष्टक चैव स्त्रोतं नामर्थं संयुतम।
य: पठेत तां च सम्पूज्य सौश्रमेघ फलंलमेता।।
इन गलतियों से बचें
- एकादशी के दिन चावल खाने की मनाही होती है।
- तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन) के सेवन से बचें।
- एकादशी के दिन तुलसी में जल अर्पित नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह माना गया है कि एकादशी पर तुलसी जी निर्जला व्रत करती हैं।
- एकादशी के दिन तुलसी को छूने या उसके पत्ते उतारने से भी बचना चाहिए।
- एकादशी की पूजा में काले रंग के कपड़े न पहनें।
- एकादशी के दिन दोपहर में न सोएं।
- इस दिन बाल, दाढ़ी या नाखून काटने की भी मनाही होती है।
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