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    निर्जला एकादशी पर विष्णु जी के अभिषेक से मिलेगा मोक्ष, जानिए पंचामृत स्नान का नियम और महत्व

    By Anuradha GuptaEdited By: Harshita Saxena
    Updated: Wed, 24 Jun 2026 08:00 PM (GMT+05:30)

    निर्जला एकादशी पर केवल व्रत ही नहीं, बल्कि श्री हरि विष्णु या लड्डू गोपाल का अभिषेक भी करें। चलिए ज्योतिषाचार्य से इसकी सही विधि जानते हैं। ...और पढ़ें

    निर्जला एकादशी पर विष्णु अभिषेक (Picture Credit- AI Generated)

    निर्जला एकादशी पर विष्णु अभिषेक (Picture Credit- AI Generated)

    HighLights

    1. निर्जला एकादशी सभी एकादशियों में सबसे फलदायी

    2. विष्णु अभिषेक से मोक्ष की प्राप्ति होती है

    3. पंचामृत स्नान विधि से करें भगवान का अभिषेक

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू कैलेंडर के अनुसार सालभर में 24 एकादशियां आती हैं। यह तिथि भगवान विष्णु को अतिप्रिय है और इसे बहुत ज्यादा पवित्र भी माना जाता है। सभी एकादशियों में निर्जला एकादशी को बहुत विशेष माना जाता है। 

    इस दिन भक्त भगवान विष्णु का आशीर्वाद पाने के लिए निर्जला उपवास रखते हैं। मान्यता है कि सभी एकादशियों में से यह सबसे ज्यादा फल देने वाली एकादशी है। इसलिए व्रत रखने और पूजा करने से भक्त को मोक्ष प्राप्त होता है।

    सबसे बड़ी एकादशी है निर्जला एकादशी

    इस बात का वर्णन बृहन्नारदीय पुराण में भी मिलता है। इस बारे में हमारी बातचीत छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश के ज्योतिषाचार्य एवं पंडित सौरभ त्रिपाठी से हुई। वह कहते हैं, "बृहन्नारदीय पुराण के उत्तर खंड में महर्षि वेद व्यास भीम से संवाद करते हुए इस व्रत का महत्व समझाया है। यह सबसे बड़ी एकादशी मानी गई है। 

    आप सालभर किसी भी एकादशी का व्रत न रखें, मगर निर्जला एकादशी का व्रत रखते हैं, तो आपको सभी एकादशियों का फल एक साथ प्राप्त हो सकता है।" लेकिन इस एकादशी में सिर्फ व्रत रखना ही काफी नहीं है, बल्कि विष्णु जी का अभिषेक भी महत्वपूर्ण होता है।

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    कैसे करें श्री हरि विष्‍णु जी का अभिषेक? 

    • निर्जला एकादशी के दिन आपको सुबह प्रातःकाल  में उठना है और  ब्रह्म मुहूर्त में स्‍नान करना है। स्‍नान करके आपको नए और पीले रंग के कपड़ों को धारण करना है। 
    • जिस स्‍थान पर आपको पूजा करनी है, उसे साफ करें और भगवान श्री हरि विष्‍णु जी की प्रतिमा या चित्र को एक चौकी पर रखें। पूजा स्‍थल पर तुलसी दल, एक कलश और दीपक जलाकर रखें और भगवान गणेश के साथ-साथ भगवान विष्‍णु का स्‍मरण करें।
    • अब आपको भगवान विष्णु का अभिषेक करना है, जिसकी शुरुआत गंगाजल से करें। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और चीनी से विष्णु जी का अभिषेक करें। आखिर में शुद्ध जल से भगवान विष्णु को स्नान कराएं और फिर साफ कपड़े से पोंछकर उन्हें नए वस्त्र पहनाएं। 
    • इसके बाद श्री विष्णु को पंचामृत, आम, केले और दही मिश्री का भोग लगाएं। साथ ही अभिषेक वाले मिश्रण को पंचामृत में मिलाएं।
    • भगवान विष्‍णु का अभिषेक करते वक्‍त मन ही मन "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें। 

    लड्डू गोपाल का भी कर सकते हैं अभिषेक 

    भगवान विष्णु की प्रतिमा अगर घर में नहीं है और लड्डू गोपाल विराजमान हैं, तो आप उनका भी निर्जला एकादशी पर अभिषेक कर सकते हैं। लड्डू गोपाल भगवान श्रीकृष्ण का बाल स्वरूप हैं और विष्णु जी का स्वरूप हैं। इसलिए उनका अभिषेक करने पर भी आपको वही फल प्राप्त होगा, जो विष्णु जी की प्रतिमा का करने पर मिलेंगे।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।