पापमोचनी एकादशी 2026: कहीं आपकी पूजा अधूरी न रह जाए, इन 4 वर्जित कामों ने तोड़ा है कई लोगों का व्रत
Ekadashi Rules: साल 2026 में पापमोचिनी एकादशी 15 मार्च को है। इस दिन भगवान विष्णु की कृपा पाने और पापों से मुक्ति के लिए भूलकर भी न करें ये गलतियां। ...और पढ़ें

Papmochani Ekadashi Rules: पापमोचनी एकादशी पर न करें ये गलतियां (Image Source: AI-Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Papmochani Ekadashi 2026: पापमोचनी एकादशी का व्रत हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। ये एकादशी 'पाप' को मोचन यानी (नष्ट) करने वाली एकादशी है। साल 2026 में यह व्रत कब है और इस दिन किन गलतियों से बचना चाहिए, आइए जानते हैं।
पापमोचनी एकादशी केवल एक उपवास नहीं है, बल्कि अपने भीतर की बुराइयों को त्यागने का एक अवसर है। 15 मार्च 2026 को इस व्रत को पूरी श्रद्धा के साथ करें और अपनी वाणी व व्यवहार में मधुरता बनाए रखें।
पापमोचनी एकादशी 2026: शुभ तिथि, मुहूर्त
एकादशी तिथि का प्रारंभ: 14 मार्च 2026, शनिवार को सुबह 08:11 बजे से।
एकादशी तिथि का समापन: 15 मार्च 2026, रविवार को सुबह 09:17 बजे तक।
व्रत की मुख्य तारीख: हिंदू धर्म में 'उदयातिथि' (सूर्योदय के समय मौजूद तिथि) का विशेष महत्व होता है। चूंकि, 15 मार्च को सूर्योदय के समय एकादशी तिथि विद्यमान रहेगी, इसलिए पापमोचनी एकादशी का व्रत 15 मार्च 2026, रविवार को ही रखा जाएगा।
पारण का समय: व्रत का पारण (खोलना) अगले दिन यानी 16 मार्च की सुबह शुभ मुहूर्त में किया जाएगा।
भूलकर भी न करें ये गलतियां
मान्यता है कि एकादशी का व्रत जितना फलदायी है, उतनी ही सावधानी इसकी मर्यादाओं को लेकर रखनी चाहिए। अक्सर अनजाने में हम कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं जिससे व्रत का पूरा फल नहीं मिल पाता:
1. चावल का सेवन: पौराणिक ग्रंथों (जैसे पद्म पुराण) के मुताबिक, एकादशी के दिन चावल खाना वर्जित है। माना जाता है कि इस दिन चावल में अशुद्धि का वास होता है।
2. क्रोध और वाद-विवाद: यह दिन मन को शांत रखने का है। घर में क्लेश करने या किसी की बुराई (निंदा) करने से मानसिक पुण्य कम हो जाता है।

(Image Source: AI-Generated)
3. तुलसी की पत्तियां तोड़ना: एकादशी के दिन तुलसी के पौधे को जल चढ़ाना तो शुभ है, लेकिन उसकी पत्तियां तोड़ना मना है। पूजा के लिए पत्ते एक दिन पहले ही तोड़ लेने चाहिए।
4. तामसिक भोजन: इस दिन लहसुन, प्याज या मांसाहार का प्रयोग बिल्कुल न करें। अगर आप व्रत नहीं भी रख रहे हैं, तब भी सात्विक भोजन करना ही अच्छा माना जाता है।
पूजा की सरल विधि
- इस दिन भगवान विष्णु के 'चतुर्भुज' रूप की पूजा की जाती है।
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और पीले वस्त्र धारण करें।
- भगवान विष्णु को पीले फूल, फल और पंचामृत अर्पित करें।
- पापमोचनी एकादशी की व्रत कथा जरूर पढ़ें या सुनें।
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