Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    क्या आप भी तो नहीं करते Rangbhari Ekadashi पर तुलसी से जुड़ी ये गलतियां? वरना मां लक्ष्मी होंगी नाराज

    Updated: Sat, 21 Feb 2026 01:00 PM (GMT+05:30)

    रंगभरी एकादशी के दिन तुलसी पूजा का विशेष महत्व है। साधकों को तुलसी से जुड़े कुछ नियमों का पालन करना चाहिए, जैसे एकादशी पर तुलसी को जल न देना, पत्ते न ...और पढ़ें

    Rangbhari Ekadashi 2026: तुलसी से जुड़ी इन बातों का रखें ध्यान (Image Source: AI-Generated)

    Rangbhari Ekadashi 2026: तुलसी से जुड़ी इन बातों का रखें ध्यान (Image Source: AI-Generated)

    HighLights

    1. एकादशी पर तुलसी को जल देने से बचें

    2. तुलसी के पत्ते तोड़ने और स्पर्श से बचें

    3. तुलसी के पास साफ-सफाई का ध्यान रखें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को रंगभरी एकादशी के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करने से साधक को जीवन में सभी सुख मिलते हैं और संकटों से मुक्ति मिलती है।

    इस दिन तुलसी पूजा का भी विशेष महत्व है, लेकिन तुलसी से जुड़े नियम का पालन जरूर करना चाहिए। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। इस बार रंगभरी एकादशी 27 फरवरी (Rangbhari Ekadashi 2026 Date) को मनाई जाएगी। आइए आपको बताते हैं कि रंगभरी एकादशी के दिन तुलसी से जुड़ी कौन-सी गलतियों करने से बचना चाहिए।

    तुलसी पूजा के नियम

    • धार्मिक मान्यता के अनुसार, तुलसी माता एकादशी के दिन भगवान विष्णु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इसलिए एकादशी के दिन भूलकर भी तुलसी में जल न दें। ऐसा माना जाता है कि तुलसी में जल देने से माता तुलसी का व्रत टूट सकता है।
    • तुलसी के पत्ते न तोड़ें। इससे मां तुलसी नाराज हो सकती हैं। भगवान विष्णु के भोग में तुलसी के पत्ते शामिल करने के लिए दशमी तिथि पर तुलसी के पत्ते तोड़ कर रख लें।
    • इसके अलावा एकादशी के दिन तुलसी को स्पर्श करने से बचना चाहिए। इससे मां तुलसी का व्रत टूट सकता है। पूजा के दौरान मां तुलसी को दूर से ही प्रणाम करें।
    • धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां लक्ष्मी का वास साफ-सफाई वाली जगह पर होता है। इसलिए पौधे के पास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। तुलसी के पास जूते-चप्पल, झाड़ू न रखें।
    Tulsi puja vidhi  (1)
    (Image Source: AI-Generated)

    रंगभरी एकादशी 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Rangbhari Ekadashi 2026 Date and Shubh Muhurat)

    वैदिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन में रंगभरी एकादशी 27 फरवरी को मनाई जाएगी।
    फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत- 27 फरवरी को देर रात 12 बजकर 33 मिनट पर
    फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का समापन- 27 फरवरी को रात 10 बजकर 32 मिनट पर होगा

    तुलसी स्तुति मंत्र -


    देवी त्वं निर्मिता पूर्वमर्चितासि मुनीश्वरैः

    नमो नमस्ते तुलसी पापं हर हरिप्रिये।।

    तुलसी श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी।

    धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमन: प्रिया।।

    लभते सुतरां भक्तिमन्ते विष्णुपदं लभेत्।

    तुलसी भूर्महालक्ष्मी: पद्मिनी श्रीर्हरप्रिया।।

    तुलसी गायत्री -

    ॐ तुलसीदेव्यै च विद्महे, विष्णुप्रियायै च धीमहि, तन्नो वृन्दा प्रचोदयात् ।।

    यह भी पढ़ें- Rangbhari Ekadashi 2026 Date: 26 या 27 फरवरी कब है रंगभरी एकादशी? जानें तिथि और पूजा विधि

    यह भी पढ़ें- Amalaki Ekadashi 2026: आमलकी एकादशी पर किन राशियों को राहत और सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

     

    खबरें और भी