Shattila Ekadashi 2026: षटतिला एकादशी पर न करें तुलसी से जुड़ी ये गलतियां, वरना नहीं मिलेगा पूरा फल
माघ माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को षटतिला एकादशी के नाम से जाना जाता है, जो इस बार 14 जनवरी को मनाई जाएगी। एकादशी के दिन तुलसी का महत्व और भ ...और पढ़ें
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Shattila Ekadashi 2026 (Picture Credit: Freepik)
HighLights
14 जनवरी को मनाई जाएगी षटतिला एकादशी
एकादशी पर और भी बढ़ जाता है तुलसी का महत्व
एकादशी पर तुलसी से जुड़ी ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर माह में आने वाली एकादशी तिथि का विशेष महत्व है। कई साधक इस दिन पर निर्जला व्रत भी करते हैं। माघ माह में आने वाली षटतिला एकादशी (Shattila Ekadashi 2026) के दिन विशेष रूप से तिल का उपयोग किया जाता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि षटतिला एकादशी के दिन तुलसी से जुड़ी किन गलतियों को करने से बचना चाहिए, वरना आपको इसका पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता।
बिल्कुल भी न करें ये काम
एकादशी के दिन तुलसी में जल अर्पित करने की मनाही होती है। धार्मिक मान्यता है कि एकादशी के दिन माता तुलसी, भगवान विष्णु के लिए निर्जला व्रत करती हैं। इसलिए एकादशी पर तुलसी में जल चढ़ाने की मनाही होती है। साथ ही इस दिन पर तुलसी के पत्ते तोड़ना भी शुभ नहीं माना जाता।

नहीं मिलेगा शुभ फल
इस बात का ध्यान रखें कि एकादशी या किसी भी अन्य दिन पर तुलसी के पास गंदगी नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही तुलसी के आस-पास कभी भी जूते-चप्पल या कूड़ेदान जैसी चीजें न रखें। इन सभी कार्यों को करने से आपको माता लक्ष्मी की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है।
न करें ये गलती
एकादशी के दिन तुलसी को छूने की भी मनाही होती है, लेकिन आप बिना स्पर्श किए इस दिन पर तुलसी की पूजा कर सकते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि तुलसी पूजा के दौरान काले कपड़े न पहनें। इससे नकारात्मकता बढ़ सकती है।
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मिलेगी विष्णु जी की कृपा
भगवान विष्णु का भोग तुलसी के बिना अधूरा माना जाता है। ऐसे में एकादशी तिथि के दिन विष्णु जी की पूजा के दौरान उनके भोग में तुलसी जरूर शामिल करें। आप एक दिन पहले ही तुलसी के पत्ते उतारकर रख सकते हैं। एकादशी की शाम को तुलसी के पास घी का दीपक भी जरूर जलाएं और तुलसी मंत्रों का जप करें। इससे साधक को भगवान विष्णु की विशेष कृपा की प्राप्ति होती है।
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