रक्षाबंधन के दिन चंद्र ग्रहण: क्या इस दौरान महिलाएं कर सकती हैं सजने-संवरने का काम?
चंद्र ग्रहण के दौरान श्रृंगार करना शुभ है या अशुभ, यह एक आम सवाल है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण ...और पढ़ें

ग्रहण काल में महिलाओं का श्रृंगार

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में चंद्र और सूर्य ग्रहण दोनों को ही अशुभ माना जाता है। इस दौरान किसी भी तरह के मांगलिक कार्यों को करने की मनाही होती है, यह बात हम सभी को पता है, लेकिन इसके अलावा भी कुछ ऐसी चीजें हैं, जो भले ही असल जीवन में नॉर्मल है, लेकिन ग्रहण काल के दौरान इन कामों को करने से बचा जाता है। बहुत से लोगों के मन में सवाल आता है कि, क्या ग्रहण काल के दौरान महिलाएं श्रृंगार कर सकती हैं?
अगस्त 2026 में 2 ग्रहण लगेंगे। जिसमें पहला सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगा था। अब इस साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 को लगने जा रहा है। ग्रहण काल के दौरान कई नियमों का पालन किया जाता है। ऐसे में श्रृंगार करना शास्त्र सम्मत कितना सही है? आइए जानते हैं।
ग्रहण काल में श्रृंगार करना सही या गलत?
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, ग्रहण काल के दौरान महिलाओं को श्रृंगार, बाल या नाखून काटने से बचना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि यह समय नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव भरा माना जाता है।
इसका एक कारण यह भी है कि, हिंदू धर्म में श्रृंगार को शुभ और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। खासकर विवाहित महिलाओं के लिए श्रृंगार से जुड़ी चीजें उनके सौभाग्य का प्रतीक मानी जाती हैं।
हिंदू परंपराओं और मान्यताओं के मुताबिक, सुहाग से जुड़ी चीजों को ग्रहण काल के दौरान धारण करने से दांपत्य जीवन में नकारात्मक ऊर्जा का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में विवाहित और अविवाहित महिलाओं को ग्रहण काल के दौरान मेकअप या सजने-संवरने से बचना चाहिए।

चंद्र ग्रहण कब?
इस साल 28 अगस्त को साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। हालांकि यह भारत में दिखाई नहीं देगा। ऐसा इसलिए क्योंकि इस समय भारत में दिन का समय होगा और चंद्रमा क्षितिज से नीचे रहेगा, जिस वजह से देश के किसी भी भाग से चंद्र दर्शन नहीं होगा।
इस दिन श्रावण मास भी समापन होगा। इसके अलावा न ही सूतक काल मान्य होगा। वही इस दिन भारत वर्ष में रक्षाबंधन का उत्सव भी मनाया जाएगा।
साल का आखिरी चंद्र ग्रहण कहां दिखाई देगा?
साल 2026 का चंद्र ग्रहण यूरोप, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका और अफ्रीका के कुछ हिस्सों से देखा जा सकेगा।
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