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ग्रहण काल के दौरान पैसों का लेन-देन करना शुभ है या अशुभ? ज्योतिषी ने दिया इसका जवाब

Updated: Wed, 12 Aug 2026 10:30 AM (IST)

हिंदू धर्म में ग्रहण काल को अशुभ माना जाता है, और ज्योतिषियों से जानिए इस दौरान बड़े वित्तीय लेन-देन से क्यों बचना चाहिए?

सूर्य या चंद्र ग्रहण के दौरान पैसों का लेन-देन करना सही है?

सूर्य या चंद्र ग्रहण के दौरान पैसों का लेन-देन करना सही है?

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में ग्रहण काल को अशुभ समय से जोड़ा जाता है। इस दौरान भगवान के मंदिर, विवाह, मुंडन या किसी भी तरह का धार्मिक अनुष्ठान करना गलत माना जाता है।

सदियों से सनातन धर्म को मानने वाले लोग इस नियम का पालन करते आ रहे हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि, सूर्य या चंद्र ग्रहण के दौरान वित्तीय यानी पैसों से जुड़ा लेन-देना करना चाहिए? ऐसा करना धार्मिक नियमों के हिसाब से सही या गलत आइए जानते हैं एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी से?

साल 2026 में कब-कब ग्रहण लगेगा?

इस साल कुल 4 ग्रहण लगने जा रहे हैं। जिसमें दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण शामिल हैं। इन सभी ग्रहण काल की तारीख और समय में काफी अंतर है।

पहला सूर्य ग्रहण- 17 फरवरी 2026, सोमवार
दूसरा सूर्य ग्रहण- 12 अगस्त 2026, बुधवार

पहला चंद्र ग्रहण- 3 मार्च 2026, मंगलवार
दूसरा चंद्र ग्रहण- 28 अगस्त 2026, शुक्रवार

grahan kaal main paiso ka len den karna sahi ya galat

बात की जाए इस वर्ष अगस्त महीने में साल का दूसरा और आखिरी सूर्य और चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। ग्रहण काल के दौरान कई तरह के नियमों का पालन किया जाता है। इस दौरान बच्चों या गर्भवती महिलाओं को बाहर निकलने से माना किया जाता है। लेकिन क्या ग्रहण काल के दौरान पैसों का लेन-देन करना सही माना जाता है? आइए जानते हैं एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी से?

एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषियों के अनुसार, सनातन ज्योतिष और धर्मशास्त्रों में ग्रहण काल (सूर्य ग्रहण या चंद्र ग्रहण) के दौरान किसी भी प्रकार का नया या बड़ा वित्तीय (पैसों) लेन-देन करना अशुभ माना जाता है।

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धार्मिक और ज्योतिषीय कारण

नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव
ग्रहण के समय सूर्य या चंद्र पर राहु-केतु का प्रभाव होता है, जिससे वातावरण में नकारात्मक प्रभाव बढ़ जाता है।

निर्णय पर प्रभाव
चंद्रमा मन का कारक है और सूर्य आत्मा का। ग्रहण के समय मानसिक स्पष्टता प्रभावित हो सकती है, जिससे धन हानि या गलत जगह धन लगाने की आशंका रहती है।

लेन-देन पर रोक
ग्रहण काल के दौरान नई डील, शेयर बाजार में बड़ा निवेश, संपत्ति (मकान या जमीन) की खरीदारी, या किसी को उधार देना-लेना पूरी तरह वर्जित माना गया है।

विशेष अपवाद और दान का नियम

ग्रहण के दौरान केवल दान-पुण्य के लिए निकाला गया धन शुभ माना जाता है। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान और ध्यान करके किया गया गुप्त दान अति उत्तम परिणाम प्रदान करता है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।