मिथुन राशि में बुध का प्रवेश, तुला से मीन राशि वालों के अधूरे काम होंगे पूरे अटका पैसा मिलेगा वापस
बुध ग्रह 7 जुलाई को मिथुन राशि में वक्री होकर प्रवेश करेगा और 24 जुलाई तक इसी स्थिति में रहेगा। यह अवधि नए कार्यों के बजाय पुराने अधूरे कामों को सुधार ...और पढ़ें

बुध गोचर 2026 तुला से मीन राशि पर प्रभाव
आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। 7 जुलाई को संवाद, व्यापार, शिक्षा, लेखन, तकनीक और तर्क शक्ति के कारण बुध ग्रह कर्क से मिथुन राशि में प्रवेश करेगा। मिथुन राशि में बुध 24 जुलाई तक व्रकी रहेगा, इसके बाद बुध मार्गी हो जाएगा और आगे की तरफ चलने लगेगा। एक बार फिर 5 अगस्त को बुध कर्क राशि में प्रवेश कर जाएगा।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब बुध अपनी ही राशि में उल्टी चाल चलता है, तो वे किसी भी नए काम की शुरुआत करने के बजाय पहले से शुरू किए गए कार्यों को बेहतर करने का मौका प्रदान करता है। बिजनेस से जुड़े नए प्रोजेक्ट, अटका हुआ पैसा, कागजात से जुड़े आधे-अधूरे मामले को सही करने का दोबारा मौका देता है। इस दौरान नई योजनाओं में जल्दबाजी दिखाने के बजाय पुरानी कमियों को ठीक करने और बचे हुए कार्यों को पूरा करने के लिए सही समय माना जाता है। आइए जानते हैं बुध का मिथुन राशि में गोचर तुला से मीन राशियों के जातकों के जीवन में क्या असर दिखाएगा?
तुला राशि (Libra)
बुधदेव का वक्री गोचर आपकी राशि से नवम भाव (भाग्य और धर्म का क्षेत्र) को प्रभावित कर रहा है। यह स्थिति शिक्षा और लंबी यात्राओं के लिए अच्छी है। आपकी पढ़ाई की योजनाओं, कानूनी मामलों या यात्रा के प्रबंधों में कुछ छोटे बदलाव करने पड़ सकते हैं। पुरानी अधूरी पढ़ाई को पूरा करने का अवसर मिल सकता है, जो आपके लिए बहुत फायदेमंद सिद्ध होगा।
उपाय: कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले अपने अनुभवी मार्गदर्शकों से सलाह जरूर लें।
वृश्चिक राशि (Scorpio)
बुधदेव वक्री होकर आपकी राशि से अष्टम भाव (गुप्त धन और निवेश का क्षेत्र) को सक्रिय कर रहे हैं। कर्ज, टैक्स, बीमा और नए निवेश से जुड़े धन के मामलों की बहुत ही बारीकी से समीक्षा करने की जरूरत होगी। यह समय किसी छिपी हुई जानकारी को सामने लाने और गहराई से अध्ययन करने के लिए बहुत ही अनुकूल है।
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उपाय: जोखिम भरे निवेश से पूरी तरह दूर रहें और हर दस्तावेज को बहुत ध्यान से पढ़ें।
धनु राशि (Sagittarius)
बुधदेव का वक्री गोचर आपकी राशि से सप्तम भाव (विवाह और साझेदारी का क्षेत्र) को प्रभावित कर रहा है। यह समय आपकी साझेदारियों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। व्यापार से जुड़े पुराने सहयोगी या निजी संबंध दोबारा चर्चा में आ सकते हैं। आपकी साफ और सच्ची बातचीत के बल पर लंबे समय से चली आ रही गलतफहमियां दूर हो सकती हैं।
उपाय: दूसरों की बातों को धीरज से सुनें और उसके बाद ही अपनी प्रतिक्रिया दें।
मकर राशि (Capricorn)
बुधदेव वक्री अवस्था में आपकी राशि से छठे भाव (ऋण, रोग और शत्रु का क्षेत्र) को सक्रिय कर रहे हैं। आपके पुराने रुके हुए काम अब गति पकड़ सकते हैं। नए कार्यों को हाथ में लेने के बजाय अगर आप पुरानी गलतियों को सुधारने पर ध्यान देंगे, तो कार्यस्थल पर आपका प्रदर्शन और बेहतर हो जाएगा।
उपाय: अपने कार्यों को व्यवस्थित रखें और अपनी दैनिक दिनचर्या को अनुशासित बनाएं।
कुंभ राशि (Aquarius)
बुधदेव का वक्री गोचर आपकी राशि से पंचम भाव (शिक्षा, संतान और रचनात्मकता का क्षेत्र) को प्रभावित कर रहा है। यह समय शिक्षा और नए विचारों के लिए बहुत सुंदर रहेगा। विद्यार्थियों, लेखकों, शिक्षकों और कला के क्षेत्र से जुड़े जातकों को अपने पुराने विचारों पर दोबारा काम करने और उनसे अच्छे अवसर निकालने में सफलता मिलेगी। प्रेम संबंधों में भी खुलकर बात करने से मधुरता आएगी।
उपाय: अपने पुराने अधूरे रचनात्मक कार्यों को इस समय पूरा करें।
मीन राशि (Pisces)
बुधदेव वक्री होकर आपकी राशि से चतुर्थ भाव (घरेलू सुख और परिवार का क्षेत्र) को सक्रिय कर रहे हैं। परिवार की चर्चाओं, घर के सुधार और संपत्ति से जुड़े मामलों की दोबारा समीक्षा करने की आवश्यकता हो सकती है। आपको अपने पुराने पारिवारिक निर्णयों को दोबारा देखना चाहिए, जिससे भविष्य के लिए बेहतर फैसले लेने में मदद मिलेगी।
उपाय:घर में शांति का माहौल बनाए रखें और भावनाओं में बहकर बहस करने से बचें।
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लेखक: श्री आनंद सागर पाठक, astropatri.com, फीडबैक के लिए लिखें: hello@astropatri.com