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    सावन में 15 दिन के अंदर इस साल का आखिरी सूर्य और चंद्र ग्रहण, नोट करें तारीख, सूतक काल और बचाव के उपाय

    Updated: Sun, 05 Jul 2026 10:03 AM (IST)

    साल 2026 का दूसरा सूर्य और चंद्र ग्रहण अगस्त महीने में श्रावण मास के दौरान लगने जा रहा है। जानिए इनकी तारीख, प्रभाव और भारत में दिखाई देेंगे या नहीं? ...और पढ़ें

    सावन 2026 में लगेगा सूर्य और चंद्र ग्रहण (Picture Credit: AI Generated)

    सावन 2026 में लगेगा सूर्य और चंद्र ग्रहण (Picture Credit: AI Generated)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण (Solar eclipse) 17 फरवरी 2026 को लगा था, जबकि इसी साल पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगा था। अब हर कोई जानना चाहता है कि साल का दूसरा और आखिरी चंद्र और सूर्य ग्रहण कब लगेगा? हिंदू कैलेंडर के अनुसार साल का दूसरा सूर्य और चंद्र ग्रहण अगस्त महीने में लगेगा।

    इस दौरान सावन का महीना रहने वाला है। अगस्त महीने में सबसे पहले सूर्य ग्रहण और फिर चंद्र ग्रहण लगेगा। दोनों ग्रहण 15 दिन के अंतराल में होगा। सूर्य और चंद्र ग्रहण (Lunar eclipse) दोनों का आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व है। आइए जानते हैं इन ग्रहण काल की तारीख और पड़ने वाले प्रभावों के बारे में।

    अगस्त 2026 में दूसरा सूर्य ग्रहण कब?

    साल 2026 का दूसरा और आखिरी सू्र्य ग्रहण 12 अगस्त सावन अमावस्या के मौके पर लगेगा। इसे कई लोग हरियाली अमावस्या के नाम से भी जानते हैं। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण रहने वाला है, लेकिन भारत में दृश्यमान नहीं होगा। जिस वजह से भारत में सूतक काल नहीं लगेगा।

    अगस्त 2026 में दूसरा चंद्र ग्रहण कब?

    अगस्त 2026 में साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण, सूर्य ग्रहण के ठीक 15 दिन बाद यानी श्रावण मास की पूर्णिमा पर लगेगा। यह 28 अगस्त 2026 को लगेगा।

    इस दिन भारत में रक्षाबंधन का त्योहार भी मनाया जाएगा। सूर्य ग्रहण की ही तरह यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। जिस वजह से भारत में इस दिन राखी मनाई जा सकेगी।

    सावन में लगने वाले सूर्य और चंद्र ग्रहण का प्रभाव

    सूर्य या चंद्र ग्रहण का इंसानी जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। इस दौरान सेहत का ध्यान रखने के साथ बड़े बुजु्र्गों की सेहत का खास ख्याल रखना चाहिए।

    किसी भी तरह के मांगलिक कार्यों को करने से बचना चाहिए। इसके अलावा कोई भी ऐसा बड़ा फैसला लेने से बचें, जो आपके भविष्य के लिए निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

    solar and lunar eclipse 2026

    ग्रहण काल में अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय?

    ग्रहण काल के बाद नहाना चाहिए और शिवलिंग पर जला अर्पित करना चाहिए।

    सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण के दौरान महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होने के साथ सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    ग्रहण काल के बाद पूजा-पाठ और इच्छा के अनुसार दान करना चाहिए।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।

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