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    Mithun Sankranti 2026: सूर्य देव कब करेंगे मिथुन राशि में गोचर? यहां नोट करें शुभ मुहूर्त और संयोग

    Updated: Wed, 04 Mar 2026 02:00 PM (GMT+05:30)

    ज्योतिषियों की मानें तो मेष राशि (Mithun Sankranti 2026 Date) के जातकों पर सूर्य देव की विशेष कृपा बरसती है। इस राशि के जातक अपने क्षेत्र में उत्तम कर ...और पढ़ें

    Mithun Sankranti 2026: सूर्य देव को कैसे प्रसन्न करें?

    Mithun Sankranti 2026: सूर्य देव को कैसे प्रसन्न करें?

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में संक्रांति तिथि का खास महत्व है। यह दिन पूर्णतया आत्मा के कारक सूर्य देव को समर्पित होता है। इस शुभ अवसर पर साधक गंगा स्नान कर भगवान भास्कर की पूजा करते हैं। साथ ही जप-तप और दान-पुण्य करते हैं। सूर्य देव की साधना करने से साधक को आरोग्यता का वरदान मिलता है।

    surya dev

    ज्योतिष करियर संबंधी परेशानी को दूर करने के लिए सूर्य देव की उपासना करने की सलाह देते हैं। इससे कुंडली में सूर्य ग्रह मजबूत होता है। आइए, सूर्य देव के मिथुन राशि में गोचर करने की तिथि और शुभ मुहूर्त एवं योग जानते हैं-

    सूर्य राशि परिवर्तन (Surya Gochar 2026)

    आत्मा के कारक सूर्य देव 14 जून तक वृषभ राशि में रहेंगे। इसके अगले दिन सूर्य देव वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में गोचर करेंगे। आसान शब्दों में कहें तो सूर्य देव 15 जून को दोपहर 12 बजकर 58 मिनट पर मिथुन राशि में गोचर करेंगे। इस राशि में सूर्य देव एक महीने तक रहेंगे। इसके बाद सूर्य देव मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में गोचर करेंगे।

    मेष संक्रांति शुभ मुहूर्त (Mithun Sankranti Shubh Muhurat)

    सूर्य देव के राशि परिवर्तन करने की तिथि पर संक्रांति मनाई जाती है। इस प्रकार 15 जून को मिथुन संक्रांति मनाई जाएगी। इस दिन पुण्य काल दोपहर 12 बजकर 59 मिनट से लेकर शाम 07 बजकर 20 मिनट तक है। वहीं, महा पुण्य काल दोपहर 12 बजकर 59 मिनट से लेकर दोपहर 03 बजकर 19 मिनट तक है।

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    मेष संक्रांति शुभ योग (Mithun Sankranti Shubh Yog)

    ज्योतिषियों की मानें तो मिथुन संक्रांति पर कई मंगलकारी योग बन रहे हैं। मिथुन संक्रांति पर सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग का संयोग शाम 07 बजकर 08 मिनट तक है। साथ ही अभिजीत मुहूर्त का भी संयोग बन रहा है। इन योग में सूर्य देव की पूजा करने से साधक को मनोवांछित फल प्राप्त होगा।

    पंचांग

    • सूर्योदय - सुबह 05 बजकर 23 मिनट पर
    • सूर्यास्त - शाम 07 बजकर 20 मिनट पर
    • ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 02 मिनट से 04 बजकर 43 मिनट तक
    • विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 41 मिनट से 03 बजकर 37 मिनट तक
    • गोधूलि मुहूर्त - शाम 07 बजकर 19 मिनट से 07 बजकर 39 मिनट तक
    • निशिता मुहूर्त - रात 12 बजकर 02 मिनट से 12 बजकर 42 मिनट तक

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    यह भी पढ़ें: अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।