अप्रैल 2026 में कब से कब तक रहेगा 'राज पंचक' का प्रभाव, किन बातों का रखना होगा ख्याल?
अप्रैल 2026 में 'राज पंचक' की शुरुआत हो चुकी है। जानें पंचक का सही समय, इसका आपके जीवन पर प्रभाव और वह 5 काम जिन्हें इस दौरान करना शास्त्रों में वर्जि ...और पढ़ें

'राज पंचक' में क्या करें क्या नहीं? (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में समय की गणना का बहुत महत्व है, और इसी गणना में 'पंचक' भी शामिल है। बहुत से लोग पंचक का नाम सुनते ही घबरा जाते हैं कि अब 5 दिनों तक सारे शुभ काम रुक जाएंगे, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर पंचक अशुभ नहीं होता?
कब से कब तक है पंचक?
हिंदू पंचांग के अनुसार, अप्रैल महीने के पंचक की शुरुआत सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को सुबह लगभग 03:44 बजे से हो चुकी है। यह पंचक शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 को दोपहर 12:02 बजे समाप्त होगा।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पंचक जिस दिन शुरू होता है, उसी के आधार पर उसका नाम और प्रभाव तय होता है। चूंकि इस बार पंचक की शुरुआत सोमवार को हुई है, इसलिए इसे 'राज पंचक' कहा जाता है।
ज्योतिष शास्त्र के नियम: शास्त्रों के अनुसार, पंचक के नक्षत्रों (धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती) का मेल जब सोमवार से होता है, तो वह शुभ फलदायी बन जाता है।
इस दौरान कौन से काम करना होगा फायदेमंद?
राज पंचक के दौरान कुछ खास काम करना आपकी किस्मत बदल सकता है:
सरकारी काम: अगर आपका कोई काम सरकारी दफ्तर या कोर्ट-कचहरी में अटका है, तो उसे इस दौरान आगे बढ़ाएं। सफलता मिलने के योग ज्यादा होते हैं।
प्रॉपर्टी और जमीन: नया घर खरीदना, जमीन की रजिस्ट्री कराना या किसी बड़ी डील पर साइन करने के लिए यह समय बहुत अच्छा माना जाता है।
करियर और प्रमोशन: नई नौकरी जॉइन करना या ऑफिस में किसी बड़ी जिम्मेदारी को हाथ में लेना आपको भविष्य में बड़ा फायदा दे सकता है।

(Image Source: AI-Generated)
पंचक में क्या न करें?
भले ही यह 'राज पंचक' है, लेकिन परंपराओं और शास्त्रों (जैसे कि भविष्य पुराण) में पंचक के दौरान 5 विशेष कामों को वर्जित माना गया है:
- दक्षिण दिशा की यात्रा: दक्षिण को यम की दिशा माना जाता है, इसलिए इन 5 दिनों में दक्षिण की ओर लंबी यात्रा करने से बचना चाहिए।
- घर की छत डालना: अगर आप नया घर बनवा रहे हैं, तो पंचक के दौरान छत (लंटर) डालने का काम टाल देना बेहतर होता है।
- ईंधन इकट्ठा करना: घास, लकड़ी या अन्य ज्वलनशील चीजें इकट्ठा करना अशुभ माना जाता है, क्योंकि इससे अग्नि का भय बना रहता है।
- नया बिस्तर या चारपाई: इन दिनों में पलंग को खोलना या बांधना भी अच्छा नहीं माना जाता।
- अंतिम संस्कार के नियम: अगर इस दौरान किसी की मृत्यु हो जाती है, तो पंचक दोष (Panchak Dosh) से बचने के लिए अंतिम संस्कार के साथ पंचक शांति जरूर करवाना चाहिए।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।