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    Sade Sati: वृषभ राशि वालों के जीवन में कब होगी साढ़ेसाती की एंट्री? इन उपायों से करें शनिदेव को प्रसन्न

    Updated: Tue, 10 Feb 2026 09:00 PM (IST)

    वर्तमान समय में मीन राशि के जातकों पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है। शनिदेव के राशि परिवर्तन करने या शनिदेव के मेष राशि में गोचर करने पर मीन राशि के ...और पढ़ें

    शनिदेव को कैसे प्रसन्न करें?

    शनिदेव को कैसे प्रसन्न करें?

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में शनिवार का दिन बेहद खास होता है। इस दिन शनिदेव की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। साथ ही मनचाही मुराद पाने के लिए शनिवार का व्रत रखा जाता है। न्याय के देवता शनिदेव की महिमा निराली है। अच्छे कर्म करने वालों को शनिदेव शुभ फल देते हैं। वहीं, बुरे कर्म करने वालों को दंड देते हैं। इसके लिए ज्योतिष व्यक्ति विशेष को अच्छे कर्म करने की सलाह देते हैं।

    shanidev

    वर्तमान समय में मेष, मीन और कुंभ राशि के जातकों पर साढ़ेसाती चल रही है। वहीं, अगले साल शनिदेव राशि परिवर्तन करेंगे। शनिदेव के राशि परिवर्तन करने से कई राशि के जातकों को शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति मिलेगी। वहीं, वृषभ राशि के जातकों पर साढ़ेसाती (Sade Sati Impact on Taurus) शुरू होगी। आइए, इसके बारे में सबकुछ जानते हैं-

    साढ़ेसाती

    वर्तमान समय में न्याय के देवता शनिदेव मीन राशि में विराजमान हैं। एक राशि में शनिदेव ढाई साल तक रहते हैं। इसके बाद राशि परिवर्तन करते हैं। शनिदेव के मीन राशि से निकलकर मेष राशि में गोचर करने से कुंभ राशि के जातकों को शनि की साढ़ेसाती से मुक्ति मिलेगी।

    शनि गोचर 2027 (Saturn Transit 2027)

    न्याय के देवता शनिदेव गुरुवार 03 जून, 2027 को राशि परिवर्तन करेंगे। इस दिन कर्मफल दाता शनिदेव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में गोचर करेंगे। इस दिन से वृषभ राशि के जातकों पर साढ़ेसाती (Vrishabha Rashi Shani Remedies) शुरू होगी। वहीं, मेष राशि के जातकों पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण शुरू होगा और मीन राशि के जातकों पर अंतिम चरण चलेगा।

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    ऐसे करें शनिदेव को प्रसन्न

    न्याय के देवता शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार के दिन हनुमान जी की पूजा करें। वहीं, पूजा के समय हनुमान चालीसा का पाठ करें। इसके साथ ही काले तिल मिश्रित गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक करें। भगवान शिव की पूजा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। इसके साथ ही शनिवार के दिन काले चीजों का दान करें।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।