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प्रसाद में 'मटन बिरयानी', 'शराब' और 'नूडल्स'? भारत के इन 6 अनोखे मंदिरों की परंपराएं सुनकर उड़ जाएंगे आपके होश!

Updated: Wed, 19 Aug 2026 05:14 PM (IST)

भारत में कई ऐसे अनोखे मंदिर हैं जहां देवी-देवताओं को पारंपरिक फल-मिठाई के बजाय चॉकलेट, नूडल्स, शराब और बिरयानी जैसे विशेष प्रसाद चढ़ाए जाते हैं। ये मंदिर स्थानीय परंपराओं और मान्यताओं के कारण अपनी अनूठी भोग प्रथाओं के लिए जाने जाते हैं।

भारत के इन मंदिरों भोग से जुड़ी अनोखी परंपरा (Picture Credits- AI Image)

भारत के इन मंदिरों भोग से जुड़ी अनोखी परंपरा (Picture Credits- AI Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। भारत में मंदिरों की पंरपराएं जितनी अनोखी है उतनी ही खास है। आमतौर पर मंदिरों में भगवान को फल, मिठाई, अनाज, नारियल या पंचामृत का भोग अर्पित किया जाता है।

लेकिन इसी देश में कुछ ऐसे भी मंदिर हैं, जहां स्थानीय परंपराओं को पालन करते हुए ईश्वर को फल और मिष्ठान की जगह चॉकलेट, नूडल्स, शराब और बिरयानी जैसी चीजों का भोग लगाया जाता है। आइए जानते हैं इन खास मंदिरों के बारे में।

मंच मुरुगन'

सुब्रह्मण्य स्वामी मंदिर

केरल के अलप्पुझा में स्थित भगवान सुब्रह्मण्य स्वामी मंदिर जिन्हें 'मंच मुरुगन' के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर में आने वाले श्रद्धालु भगवान को भोग में चॉकलेट का भेंट अर्पित करते हैं। इस परंपरा से जुड़ी कई कहानियां प्रचलित हैं।

चीनी काली मंदिर

चीनी काली मंदिर

कोलकाता में स्थित मां काली का एक ऐसा भी मंदिर है, जहां उन्हें प्रसाद के रूप में नूडल्स भेंट किए जाते हैं। दरअसल यह परंपरा इस इलाके में रहने वाले चीनी परिवारों द्वारा शुरू की गई थी, जो अब काफी प्रचलित हो चुकी है।

भैरव बाबा उज्जैन

काल भैरव मंदिर

उज्जैन में स्थित काल भैरव के मंदिर में उन्हें शराब का भोग चढ़ाया जाता है। श्रद्धालु अपने साथ शराब की बोतल लाते हैं, जिसे मंदिर के पुजारी एक पात्र में डालकर काल भैरव भगवान के मुख के पास ले जाते हैं। इस खास परंपरा के पीछे तांत्रिक मान्यताओं का हवाला दिया जाता है।

मुनियांदी स्वामी मंदिर

मुनियांदी स्वामी मंदिर

तमिलनाडु के मदुरै जिले में स्थित है भगवान मुनियांदी का मंदिर जिनके सम्मान में हर साल तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। स्थानीय परंपराओं के मुताबिक, मुनियांदी भगवान को भगवान शिव का अवतार माना जाता है। बताया जाता है कि, इस मंदिर में प्रसाद के रूप में चिकन और मटन बिरयानी का प्रसाद परोसा जाता है।

तारापीठ मंदिर

तारापीठ मंदिर

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के तारापीठ मंदिर स्थित मां तारा की पूजा काफी प्रसिद्ध है। मंदिर के पारंपरिक भोग में मांस और मछली शामिल है। यह मंदिर भी अपनी तांत्रिका साधना के लिए जाना जाता है।

पराशिनी कडावु मुथप्पन मंदिर

केरल के कन्नूर जिले में स्थित है भगवान मुथप्पन का मंदिर, जहां उन्हें भोग में भुनी हुई मछलियां और ताड़ी का प्रसाद चढ़ाया जाता है। यह मंदिर अपने जाति-पाति के भेदभाव के बिना सभी के लिए खुला रहता है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।