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    नासा भी जिसके आगे टेक चुका है घुटने: उत्तराखंड का वो रहस्यमयी मंदिर, जहां विज्ञान के नियम भी फेल!

    Updated: Sun, 24 May 2026 11:13 AM (GMT+05:30)

    उत्तराखंड का अल्मोड़ा स्थित कसार देवी मंदिर अपनी अनोखी चुंबकीय शक्तियों के लिए प्रसिद्ध है, जहां स्वामी विवेकानंद सहित कई हस्तियों ने ध्यान किया है। ...और पढ़ें

    उत्तराखंड का मैग्नेटिक पावर वाला कसार देवी मंदिर (Social Media)

    उत्तराखंड का मैग्नेटिक पावर वाला कसार देवी मंदिर (Social Media)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। देवभूमि के नाम से प्रसिद्ध उत्तराखंड की धरती अपनी सुंदरता, सांस्कृतिक और अनोखी परंपराओं के लिए काफी प्रसिद्ध है। उत्तराखंड में ऐसे कई मंदिर हैं, जहां देश-विदेश से भक्त दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन आज हम आपको उत्तराखंड में मौजूद एक ऐसे रहस्यमय मंदिर के बारे में बताएंगे, जहां लोग दूर-दूर से दर्शन के लिए आते हैं।

    अल्मोड़ा का कसार देवी मंदिर दो जो अपनी अनोखी चुंबकीय शक्ति के लिए काफी ज्यादा लोकप्रिय है। इस मंदिर में श्रद्धालुओं के साथ वैज्ञानिक भी आते हैं इसके पीछे का रहस्य जानने के लिए, कहा जाता है कि, मंदिर से जुड़े इस चमत्कार के पीछे असल कारण का पता आज तक कोई लगा नहीं पाया है। आइए जानते हैं कसार देवी मंदिर के बारे में।

    स्वामी विवेकानंद से लेकर मशहूर हस्तियों ने की दर्शन

    उत्तराखंड के अल्मोड़ा में स्थित कसार देवी मंदिर, जहां स्वामी विवेकानंद भी ध्यान-योग करने के लिए आए थे, तब से यह मंदिर हर तरह के श्रद्धालुओं के बीच काफी प्रसिद्ध हो चुकी है।

    स्वामी विवेकानंद को यह जगह इतनी अच्छी लगी कि, उन्होंने अपने लेखन भी इस मंदिर का जिक्र किया था। कसार देवी मंदिर की महिमा इतनी विशाल है कि, यहां पर बॉब डायलन, जॉर्ज हैरिसन, कैट स्टीवंस, एलन गिन्सबर्ग और टिमोथी लेरी जैसे कुछ प्रसिद्ध व्यक्ति भी आए थे। 1970 के दशक में यह जगह हिप्पी हिल बन गई थी।

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    कसार देवी मंदिर  (1)

    कसार देवी मंदिर क्यों प्रसिद्ध है?

    कसार देवी मंदिर के बारे में कहा जाता है कि, देवी मां साक्षात अवतार में आई थीं। कहा जाता है कि, भारत की यह एकमात्र ऐसी जगह है, जहां चुंबकीय पिंड हैं। वैज्ञानिक बताते हैं कि, कसार देवी मंदिर के आसपास का हिस्सा वैन एलेन बेल्ट है। यहां धरती के भीतर भू-चुंबकीय पिंड है।

    इस मंदिर से कई शक्तियां जुड़ी हैं, जिसके बारे में पता लगाने के लिए नासा के वैज्ञानिक भी आए थे, लेकिन आखिर में उन्हें इसके पीछे का रहस्य पता नहीं चला और उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ा। इस क्षेत्र के आसपास के लोगों को मानसिक शांति की प्राप्ति होती है।

    कसार देवी मंदिर का ऐतिहासिक महत्व

    उत्तराखंड के लोगों के बीच कसार देवी मंदिर का बड़ा ऐतिहासिक महत्व है, ये मंदिर पवित्र तीर्थ स्थलों की लिस्ट में भी शामिल है। हर साल कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर कसार देवी मंदिर में मेले का आयोजन किया जाता है, जहां हजारों की संख्या में लोग शामिल होते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, मेले का महत्व न केवल देश के लोगों में बल्कि विदेश से आए श्रद्धालुओं के बीच भी काफी है।

    कसार देवी मंदिर में श्रद्धालु अक्सर मानसिक शांति और गहन साधना करने के लिए आते हैं। यहां की हरियाली और नजारे आपको अंदर से तरोताजा कर देगी। यही नहीं कसार देवी मंदिर बिनसर वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के काफी नजदीक है, यहां हर प्रजाति के पक्षियों के देखा जा सकता है। गहन साधाना और ध्यान करने वाले लोगों की पहली पसंद आज भी कसार देवी का मंदिर है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।