विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

हनुमान चालीसा का 7 बार पाठ ही क्यों है सबसे उत्तम? सही विधि और नियम यहां पढ़ें

Published: Sat, 29 Aug 2026 08:02 AM (GMT+05:30)

हनुमान चालीसा में 'सत बार' पाठ का क्या रहस्य है? जानें 7 बार पाठ करने के अचूक फायदे, पूजा का सही समय और नियम, जिससे आपके बिगड़े काम बन सकें।

हनुमान चालीसा पाठ के अचूक फायदे (AI-Generated)

हनुमान चालीसा पाठ के अचूक फायदे (AI-Generated)

HighLights

  1. 7 बार पाठ 7 चक्रों को शुद्ध करता है

  2. नवग्रहों के दोष शांत कर महा सुख देता है

  3. ब्रह्म मुहूर्त या रात 8 बजे के बाद करें पाठ

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अगर आप बजरंगबली के परम भक्त हैं तो आपने संकटमोचन की चालीसा का पाठ जरूर किया होगा। कहा जाता है उनकी कृपा पाने का सबसे यही सबसे सरल और प्रभावशाली तरीका है। हम सभी ने चालीसा में यह चौपाई जरूर पढ़ी है, 'जो सत बार पाठ कर कोई, छूटहि बन्दि महा सुख होई।' इसे पढ़ने के बाद अक्सर मन में यह सवाल उठता है कि आखिर चालीसा का पाठ 7 बार ही क्यों किया जाए?

धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिष के अनुसार अगर पूरे संकल्प, शुद्ध मन और सही विधि के साथ 21 दिनों तक लगातार 7 बार हनुमान चालीसा पढ़ी जाए, तो सालों से अटका हुआ पुराना काम भी पूरा हो सकता है।

पाठ 7 बार ही क्यों करें?

1 बार पाठ: एक बार का पाठ रोजमर्रा के सामान्य पूजा-नियम के लिए किया जाता है।

3 बार पाठ: जबकि, जब जीवन में कोई अचानक बड़ा संकट आ जाए, तब आप चालीसा का पाठ 3 बार कर सकते हैं।

7 बार पाठ: यह शरीर के 7 चक्रों को शुद्ध करता है और नवग्रहों के दोष को शांत करता है। एक आम इंसान के लिए 7 की संख्या सबसे संतुलित है- न बहुत ज्यादा, न बहुत कम।

11 और 108 बार पाठ: वहीं, हनुमान चालीसा का 11 बार का पाठ किसी बहुत बड़ी मनोकामना के लिए और 108 बार का अनुष्ठान विशेष सिद्धि के लिए किया जाता है।

पाठ करने का सबसे सही समय

अगर आप बजरंगबली की पूजा के लिए सबसे उत्तम समय ढूंढ रहे हैं तो वह है सुबह का ब्रह्म मुहूर्त (4 से 6 बजे के बीच)। हिंदु धर्म में ब्रह्म मुहूर्त को बहुत महत्व है। अगर सुबह की भागदौड़ में यह संभव न हो, तो आप रात 8 बजे के बाद भी 7 बार पाठ कर सकते हैं। रात में पाठ करने से बुरे और डरावने सपनों से मुक्ति मिलती है। अमावस्या, पूर्णिमा और हनुमान जयंती पर इसका फल कई गुना अधिक मिलता है। मंगलवार के साथ-साथ शनिवार का दिन भी बजरंगबली को समर्पित है।

पूजा की विधि और जरूरी नियम

  • स्नान के बाद साफ लाल या पीले कपड़े पहनना बेहद शुभ होता है।
  • बजरंगबली के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं और बूंदी या गुड़-चने का भोग लगाएं।
  • सीधे चालीसा शुरू न करें। पहले 'श्री गणेशाय नम:' और 'सीताराम' का उच्चारण करें।
  • लगातार 7 बार पाठ करें। इस दौरान अपना मोबाइल न देखें और किसी से बात न करें।
  • मांस-मदिरा से दूर रहें, मन में किसी के लिए बुरे विचार न लाएं और ब्रह्मचर्य का पालन करें।

यह भी पढ़ें- हनुमान चालीसा की ये 1 चौपाई है सबसे शक्तिशाली, पाठ करते ही दूर हो जाएंगे सारे बड़े रोग

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।