तीज पर्व 2026: हरियाली, कजरी या हरतालिका, सुहागिनों के लिए कौन सा व्रत है सबसे कठिन?
तीज विवाहित महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें हरतालिका तीज को सबसे कठिन माना जाता है। यह व्रत निर्जला रहकर, दिन में न सोकर और क्रोध से बचकर कि ...और पढ़ें
-1786175033450_m.webp)
हरियाली, हरतालिका और कजरी तीज तीनों में कौन-सा कठिन?

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में तीज विवाहित महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व होता है। भारत के साथ-साथ नेपाल में भी हिंदू महिलाएं तीज का पर्व मनाती हैं। यह पर्व मुख्य रूप से भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के सम्मान के रूप में मनाया जाता है, ताकि वैवाहिक जीवन सुख-शांति से बीते। आमतौर पर तीज का त्योहार मानसून के मौसम में पड़ता है, जिसमें व्रत के साथ-साथ धार्मिक अनुष्ठानों का भी पालन किया जाता है।
भारत में आमतौर पर तीन तरह के तीज पर्व मनाए जाते हैं। जिसमें कजरी, हरतालिका और हरियाली तीज शामिल है। हरियाली तीज श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तीसरी तिथि पर मनाई जाती है।
इस साल हरियाली तीज 15 अगस्त को मनाई जाएगी। वहीं हरतालिका तीज भी हर साल गणेश चतुर्थी से एक दिन पहले मनाई जाती है, जिसका व्रत इस साल 14 सितंबर 2026 को रखा जाएगा। जबकि कजरी तीज भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की तीसरी तिथि के मौके पर मनाई जाती है। जो इस साल 31 अगस्त 2026 के दिन रखा जाएगा।

तीनों तीज में सबसे कठिन कौन?
हिंदू धर्म को मानने वाली विवाहित महिलाएं तीनों ही तीज को मनाती हैं। इन तीनों तीजों में सबसे अधिक कठिन हरतालिका तीज का व्रत है। क्योंकि इस दिन महिलाएं अन्न और जल दोनों ही ग्रहण नहीं करती हैं, बल्कि निर्जला व्रत रखती हैं। इस व्रत के कठिन होने के निम्नलिखित कारण हैं-
अन्न-जल के सेवन से परहेज
हरतालिका तीज का व्रत निर्जला रहकर रखा जाता है। इस दिन न पानी का सेवन किया जाता है और न ही अन्न का एक दाना खाया जाता है। पूरे एक दिन निर्जला रहकर अगले दिन सूर्योदय के बाद ही इस व्रत का पारण किया जाता है। ऐसे में इस दिन गलती से भी खान-पान का सेवन नहीं किया जाता है।
खबरें और भी
सोने से जुड़े सख्त नियम
हरतालिका व्रत के दौरान विवाहित महिलाएं दिन में सोने से बचती हैं। इस दिन पूरे रात भगवान शिव और माता पार्वती का जागरण किया जाता है। मान्यता है कि, इस व्रत के दौरान जो महिलाएं सोती हैं, उन्हें इस व्रत का पूरा फल नहीं मिलता है।
गुस्सा करने से बचें
हरतालिका तीज व्रत के दौरान महिलाओं को अपने गुस्से पर काबू रखने की सलाह दी जाती है। जो भी महिलाएं इस दिन भूलकर भी गुस्सा करती है, उनका व्रत खंडित होने का खतरा रहता है।
इसके विपरीत हरियाली और कजरी तीज विवाहित महिलाओं के लिए थोड़े सरल होते हैं। हरतालिका तीज की तरह कजरी और हरियाली तीज के दौरान व्रत के नियम इतने सख्त नहीं होते हैं।
यह भी पढ़ें- हरतालिका तीज 2026: किन 4 महिलाओं को नहीं रखना चाहिए यह निर्जला व्रत? जानें क्या कहते हैं शास्त्र
यह भी पढ़ें- हरियाली तीज पर गलत दिशा में न करें शिव-पार्वती की स्थापना, तुरंत जान लें सही वास्तु नियम
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।