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मंदिर में रातभर प्रसाद छोड़ना सही या गलत? अनजाने में आप भी तो नहीं कर रहे ये बड़ी भूल

Updated: Sun, 30 Aug 2026 10:12 AM (IST)

भगवान को अर्पित किया गया प्रसाद पूजा स्थान पर अधिक समय तक नहीं रखना चाहिए। इसे 10-15 मिनट के भीतर ...और पढ़ें

क्या मंदिर में प्रसाद को रात भर रखना सही है? (Picture Credits- AI Images)

क्या मंदिर में प्रसाद को रात भर रखना सही है? (Picture Credits- AI Images)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले लोग अपने घरों में मंदिर बनाकर भगवान की पूजा-अर्चना करते हैं। किसी भी पूजा में भगवान को प्रसाद चढ़ाना बेहद जरूरी होता है। विशेषकर लोग भगवान को प्रसाद अर्पण करते समय जाने-अनजाने कई ऐसी गलतियां करते हैं, जिसके बारे में उन्हें नहीं पता होता है। यही कारण है कि व्रत या पूजा का संपूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है। ऐसे में क्या भगवान को चढ़ाया गया प्रसाद रातभर पूजा स्थान पर रखना सही है या नहीं? आइए जानते हैं इसके बारे में।

सबसे पहले तो भगवान को भोग लगाने के बाद किसी भी तरह से प्रसाद का अपमान नहीं करना चाहिए। सनातन परंपरा के अनुसार, भोग को भगवान की मूर्तियों के पास अधिक समय तक रखना सही नहीं माना जाता है।

इसके साथ ही जब भी प्रसाद चढ़ाएं भगवान के पास पानी का पात्र जरूर रखें। प्रसाद के लिए जो पात्र आप इस्तेमाल कर रहे हैं वो हमेशा पीतल, चांदी, सोने या मिट्टी से बने होने चाहिए। प्रसाद केले के पत्ते पर अर्पण करना अधिक शुभ समझा जाता है।

क्या मंदिर में प्रसाद को रात भर रखना सही है

रात भर मंदिर में प्रसाद रखना सही या गलत?

भगवान को अर्पित किया गया भोग या प्रसाद रात भर पूजा स्थान पर रखना धार्मिक और स्वास्थ्य दोनों ही नजरिए से सही नहीं माना जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, भगवान को भोग अर्पित करने के 10 से 15 मिनट के अंदर ही उसे पूजा कक्ष से हटा लेना चाहिए और लोगों में बांट देना चाहिए। ऐसा न करने पर तामसिक और नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है।

इसके अलावा प्रसाद में इस्तेमाल होने वाले फल भी खाने लायक नहीं रहते हैं। रात तक मंदिर में प्रसाद रखने से उनपर चींटियां, कॉकरोच या अन्य कीड़े-मकौड़े प्रसाद की ओर आकर्षित हो सकते हैं जिससे वह प्रसाद जूठा और अशुद्ध हो सकता है।

भगवान को प्रसाद अर्पण करने का सही नियम?

भगवान को भोग अर्पित करने के कुछ मिनट बाद (10 से 15 मिनट) में प्रसाद को वहां से हटा लेना ही बेहतर है।

इसके बाद प्रसाद को घर के सदस्यों और अन्य लोगों में श्रद्धापूर्वक बांट देना चाहिए।

यदि पूजा शाम या रात के दौरान की जानी है तो, शयन आरती के बाद भोग लगाए और उसे भी 5 से 10 मिनट के अंदर पूजा कक्ष से हटाकर लोगों में बांट दें।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।