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क्यों शुभ माना जाता है घर के बाहर श्री लिखना? यहां पढ़ें सिंदूर के इस उपाय से जुड़ा धार्मिक महत्व

Published: Mon, 13 Jul 2026 07:00 PM (GMT+05:30)

घर के मुख्य द्वार पर सिंदूर से 'श्री' लिखना अत्यंत शुभ माना जाता है, जो माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु ...और पढ़ें

घर के बाहर क्यों लिखा जाता है श्री? (Image Credit- AI)

घर के बाहर क्यों लिखा जाता है श्री? (Image Credit- AI)

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संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। घर का मुख्य द्वार सिर्फ प्रवेश का स्थान ही नहीं है, बल्कि यह सबसे ज्यादा शुभ स्थान माना जाता है। हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले मुख्य द्वार को पूजा जाता है। यहां पर सिंदूर से श्री लिखा जाता है। यह एक परंपरा नहीं, बल्कि धार्मिक महत्व भी रखता है। आप भी आर्टिकल में जानें कि घर में श्री को सिंदूर से अंकित करने का अर्थ क्या होता है और इसके क्या लाभ प्राप्त होते हैं?

श्री का क्या होता है अर्थ

श्री शब्द माता लक्ष्मी के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हिंदू धर्म में श्री का अर्थ केवल धन ही नहीं, बल्कि समृद्धि, ऐश्वर्य और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। जब हम घर के बाहर मुख्य द्वार पर सिंदूर से श्री को अंकित करते हैं, तो इसका अर्थ होता है माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु को घर पर आमंत्रित करना, ताकि इनका आशीर्वाद प्राप्त हो सके। ऐसा माना जाता है कि जिस घर के द्वार पर श्री अंकित होता है, वहां दरिद्रता कभी प्रवेश नहीं कर पाती है।

श्री को सिंदूर से क्यों बनाया जाता है?

सिंदूर को हिंदू धर्म में शुभ माना गया है। सिंदूर सिर्फ लाल रंग की वस्तु नहीं होती है, बल्कि यह काफी शक्तिशली, मंगल और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,लाल रंग का सीधा संबंध मंगल ग्रह से होता है। घर के प्रवेश द्वार पर लाल रंग का प्रयोग नकारात्मक ऊर्जा को रोकने का काम करता है। इसलिए इसे सुरक्षा कवच भी कहते हैं।

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श्री को कैसे करें घर के बाहर अंकित?

  • घर के मुख्य द्वार को आपको सबसे पहले अच्छे से साफ करना है। आप पानी में गंगाजल डालकर इसे साफ करें, ताकि स्थान शुद्ध हो जाए।
  • इसके बाद आपको एक थाली में लाल सिंदूर और अक्षत को लेना है।
  •  लिखने के लिए सिंदूर को थोड़े से घी या चमेली के तेल में मिलाकर पेस्ट तैयार करना चाहिए।
  • इसे सीधे हाथ की अनामिका उंगली से मुख्य द्वार के चारों तरफ लिखना है।
  • अनामिका उंगली से लिखना सबसे शुभ माना जाता है।
  • फिर इस पर अक्षत को चढ़ाना है।
  • इसे अंकित करने के बाद आपको इसे धूप में दिखाना है।
  • इसके बाद मन ही मन ॐ श्रीं नमः का उच्चारण करना है। इससे इसकी शक्ति और भी बढ़ जाएगी।

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

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