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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Sakat Chauth 2024: सकट चौथ की पूजा में इन मंत्रों का करें जाप, जीवन में मिलेंगे कई लाभ

    By Kaushik SharmaEdited By: Kaushik Sharma
    Updated: Sat, 27 Jan 2024 12:50 PM (IST)

    सकट चौथ को तिल चौथ और माघी चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। सकट चौथ के दिन महिलाएं संतान की दीर्घ आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए व्रत रखती हैं। मान्य ...और पढ़ें

    Sakat Chauth 2024: सकट चौथ की पूजा में इन मंत्रों का करें जाप, जीवन में मिलेंगे कई लाभ
    Sakat Chauth 2024: सकट चौथ की पूजा में इन मंत्रों का करें जाप, जीवन में मिलेंगे कई लाभ

    HighLights

    1. सकट चौथ के दिन भवगान गणेश जी की पूजा होती है।
    2. इस बार सकट चौथ व्रत 29 जनवरी को है।
    3. सकट चौथ की पूजा मंत्रों के जाप किए बिना अधूरी है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Sakat Chauth 2024 Vrat: हर माह में दो चतुर्थी होती हैं। कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी मनाई जाती है। नारद पुराण के मुताबिक, माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी का अधिक महत्व है। इस बार सकट चौथ व्रत 29 जनवरी को है। सकट चौथ को तिल चौथ और माघी चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। सकट चौथ के दिन महिलाएं संतान की दीर्घ आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए व्रत रखती हैं। मान्यता है कि सकट चौथ की पूजा मंत्रों के जाप किए बिना अधूरी होती है। इसलिए सकट चौथ के दिन भगवान गणेश जी की पूजा के दौरान मंत्रों का जाप करना आवश्यक होता है। सकट चौथ के मंत्र इस प्रकार है-

    सकट चौथ के मंत्र (Sakat Chauth Mantra)

    1.ऊँ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटि समप्रभ ।

    निर्विघ्नं कुरू मे देव, सर्व कार्येषु सर्वदा ॥

    2. ॐ एकदन्ताय विहे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात् ॥

    3.महाकर्णाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।

    गजाननाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।

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    4.ॐ ग्लौम गौरी पुत्र, वक्रतुंड, गणपति गुरु गणेश।

    ग्लौम गणपति, ऋद्धि पति, सिद्धि पति. करो दूर क्लेश ।।

    5.ॐ वक्रतुण्डैक दंष्ट्राय क्लीं ह्रीं श्रीं गं गणपते वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा।

    6.ॐ श्रीं गं सौभ्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं में वशमानय स्वाहा।

    7.गजाननाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।

    श्री वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटी समप्रभा निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्व-कार्येशु सर्वदा॥

    8. संकट नाशक मंत्र

    गणपतिर्विघ्नराजो लम्बतुण्डो गजाननः ।

    द्वैमातुरश्च हेरम्ब एकदन्तो गणाधिपः ॥

    विनायकश्चारुकर्णः पशुपालो भवात्मजः ।

    द्वादशैतानि नामानि प्रातरुत्थाय यः पठेत्‌ ॥

    विश्वं तस्य भवेद्वश्यं न च विघ्नं भवेत्‌ क्वचित्‌ ।

    9. ॐ वक्रतुण्डैक दंष्ट्राय क्लीं ह्रीं श्रीं गं गणपते वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा।

    सकट चौथ का शुभ मुहूर्त

    दैनिक पंचांग के अनुसार, माघ माह की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 29 जनवरी प्रातः 06 बजकर 10 मिनट से होगी और इसके अगले दिन यानी 30 जनवरी को सुबह 08 बजकर 54 मिनट पर तिथि का समापन होगा। इस बार सकट चौथ का व्रत 29 जनवरी को है। सकट चौथ के दिन चंद्रोदय रात 09 बजकर 10 मिनट पर होगा।

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