नए घर के निर्माण के बाद आखिर क्यों कराई जाती है बेटियों से चौखट की पूजा? इस रस्म का जानें महत्व
नए घर में बेटियों द्वारा चौखट की पूजा एक महत्वपूर्ण परंपरा है, क्योंकि उन्हें घर की लक्ष्मी माना जाता है। यह पूजा घर में सुख-समृद्धि लाती है, वास्तु द ...और पढ़ें
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चौखट की पूजा क्यों की जाती है (Picture Credit- AI)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हमारे यहां घर सिर्फ एक ईंट पत्थर का ढांचा नहीं होता, बल्कि यह एक मंदिर के समान पवित्र स्थान होता है। जब कोई व्यक्ति अपना घर बनाता है, तो उसमें रहने से पहले गृह प्रवेश जरूर कराता है। इनमें से सबसे महत्वपूर्ण परंपरा है घर की चौखट, जिसकी पूजा कोई पंडित नहीं बल्कि घर की बेटियां करती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि बेटियों को घर की लक्ष्मी कहा जाता है। आइए जानते हैं इसके पीछे के धार्मिक कारण आखिर बेटियों से क्यों कराई जाती है चौखट की पूजा?
घर की लक्ष्मी होती हैं बेटियां
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बेटियों को घर की लक्ष्मी कहते हैं, जिस प्रकार देवी लक्ष्मी के आगमन से सुख-समृद्ध और वैभव आता है, उसी प्रकार बेटियों के शुभ पैरों से घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। इसलिए घर की चौखट की पूजा भी उन्हीं के हाथों से कराई जाती है। इससे घर में कभी भी खुशहाली की कमी नहीं होती है। साथ ही बेटियां अपने सौभाग्य से घर को और अच्छा कर देती हैं।
वास्तु दोष होता है कम
मुख्य द्वार को घर का मुख कहा जाता है। ऐसे में अगर आप घर की बेटियों से चौखट की पूजा कराते हैं, तो उससे वास्तु दोष या नकारात्मक ऊर्जा कम होती है। बेटी को अपने मायके के कुल की वृद्धि और गौरव का प्रतीक माना जाता है। इनके हाथों से की गई पूजा से घर का वातावरण पवित्र बना रहता है और वास्तु दोष भी नहीं लगता है।
घर में बना रहता है संतुलन
ज्योतिष में कन्याओं का संबंध बुध और शुक्र ग्रह से किया गया है। बुध बुद्धि का कारक है और शुक्र सुख-समृद्धि का। नए घर की चौखट पर बेटी की उपस्थिति इन ग्रहों के प्रभावों को संतुलित करती है। इससे घर के सदस्यों के बीच आपसी प्रेम बना रहता है और आर्थिक उन्नति के मार्ग भी खुल जाते हैं।
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किस तरह होती है चौखट की पूजा?
- इसके लिए पहले बेटियां चौखट के दोनों तरफ पानी को डालती हैं।
- फिर चौखट पर रोली का तिलक लगाकर अक्षत को चढ़ाती हैं।
- इसके बाद कलावा बांधती हैं, ताकि वो चौखट उनके घर को सुरक्षित रख सके।
- फिर मीठे का भोग लगाती हैं।
- इस तरह से चौखट पूजी जाती है।
नए घर की चौखट पर बेटी की पूजा केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि एक धार्मिक कारण भी है। यह उस घर के हर सदस्य के जीवन में सुख, शांति और सौभाग्य लाने का एक माध्यम है। यदि आप भी नए घर में प्रवेश कर रहे हैं, तो अपनी बेटी से चौखट की पूजा जरूर कराएं।
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