श्रीहरि की 'नंदक' से रावण की 'चंद्रहास' तक: हिंदू शास्त्रों में वर्णित 5 दिव्य तलवारें
हिंदू धर्मग्रंथों में देवी-देवताओं के पास कई दिव्य तलवारें थीं, जिनमें नंदक, चंद्रहास और खड्ग प्रमुख हैं। ये तलवारें न केवल अस्त्र थीं, बल्कि ज्ञान, म ...और पढ़ें

हिंदू देवी-देवताओं से जुड़ी 5 दिव्य तलवारें (Picture Credit- AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म शास्त्रों में देवी-देवताओं के पास तरह-तरह के अस्त्र-शस्त्र थे। इनमें चक्र, धनुष, त्रिशूल, गदा और तलवार जैसे हथियार प्रमुख हैं। ईश्वर का एक हाथ आशीर्वाद की मु्द्रा में रहता है, तो दूसरे हाथ में उस आशीर्वाद की सुरक्षा करने के लिए दिव्य अस्त्र और शास्त्र रहते हैं।
इन्हीं दिव्य हथियारों में तलवारें प्रमुख हैं, जो मां दुर्गा से लेकर भगवान विष्णु तक का प्रमुख हथियार माना जाता है। आइए जानते हैं दिव्य और प्रमुख तलवारें जिनका संबंध हिंदू देवी-देवताओं से है।

भगवान विष्णु की तलवार नंदक (AI Image)
नंदक
भगवन विष्णु की तलवार का नाम नंदक है जिसका जिक्र अग्नि पुराण में देखने को मिलता है। भारतीय मंदिरों में भगवान विष्णु की पूजा तलवार के साथ नहीं की जाती है।
श्रीहरि को प्रतिमा में तलवार धारण किए हुए देखना काफी दुर्लभ है। भगवान विष्णु को तलवार के साथ कम ही चित्रित किया गया है, सिर्फ उनके आगामी अवतार कल्कि को ही तलवार के साथ दिखाया गया है।

भगवान शिव की तलवार चंद्रहास (AI Image)
चंद्रहास
चंद्रहास तलवार जिसकी आकृति अर्धचंद्र की तरह है। हिंदू पौराणिक कथा में इस तलवार को सबसे महत्वपूर्ण बताया गया है। चंद्रहास तलवा भगवान शिव ने खुद लंका पति रावण को दी थी।
भगवान शिव ने रावण को चंद्रहास देते हुए कहा था कि, अगर इस तलवार का इस्तेमाल गलत कार्यों के उद्देश्य से किया गया, तो यह वापस मेरे पास आ जाएगी।

मां दुर्गा की तलवार (AI Image)
खड्ग
मां दुर्गा की दिव्य तलवार का नाम खड्ग था, जो ज्ञान, सच्चाई और मोह-माया से अलग होना का प्रतीक माना जाता है। तलवार की चमकती धार तेज प्रकाश की धार का प्रतीक है, जो अंधेरे को दूर करने में मदद करती है। भगवान गणेश ने मां दुर्गा को दिव्य खड्ग प्रदान किया था।
मां काली और परशुराम भगवान की दिव्य तलवार
इसके अलावा मां काली की दिव्य तलवार जिसे अक्सर खून से सना चित्रित किया जाता है। उनकी तलवार सिर्फ युद्ध से जुड़ा हथियार नहीं है, बल्कि मुक्ति का माध्यम भी है, जो अहंकार और लगाव को काट आत्मा को पुनर्जन्म के चक्र से बांधती है।
वही विष्णु के अवतारों में से एक परशुराम भी कुल्हाड़ी के साथ खड्ग तलवार धारण करते हैं। उनकी तलवार प्रतिशोध और धर्म की पुनर्स्थापना से जुड़ी मानी जाती है, जो खासतौर पर भ्रष्ट योद्धाओं को समाप्त करने के लिए बनी थी।
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