कौमोदकी से हनुमान गदा तक: हिंदू पौराणिक ग्रंथों के 5 सबसे दिव्य और शक्तिशाली शस्त्र
प्राचीन काल से ही हिंदू धर्मग्रंथों में गदा के महत्व का वर्णन किया गया है। हनुमान, विष्णु, भीम, दुर्योधन और गणेश से जुड़ी पांच प्रमुख गदाओं के बारे मे ...और पढ़ें

हिंदू कथाओं के 5 सर्वश्रेष्ठ गदा (Picture Credit- AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। प्राचीन काल से ही गदायुद्ध और कौशल के बारे में काफी कुछ वर्णन किया गया है। रामायण से लेकर महाभारत तक गदा जैसे शस्त्र का जिक्र देखने को मिलता है। उस समय गदा को करीब 20 तरह से चलाया जाता था। अग्नि पुराण में तो गदा के लिए कई तरह के नाम का जिक्र किया गया है। इसमें कमलासन, ऊर्ध्वगत्र, आवृत्त, वामदक्षिण, हंसमार्ग आदि नाम है।
हिंदू धर्म में मुख्य रूप से हनुमान जी के पास गदा देखने को मिलता है, क्योंकि वो उनका प्रमुख शस्त्र है। इसके अलावा भगवान विष्णु के भी चार हाथों में से एक हाथ में कौमोदकी नामक गदा देखने को मिलता है। महाभारत महाकाव्य में भीम से लेकर दुर्योधन जैसे कई योद्धा गदा चलाने में माहिर थे। आइए जानते हैं हिंदू पौराणिक ग्रंथों के 5 प्रमुख गदा के बारे में।
हनुमान गदा
राम भक्त हनुमान उनका गदा बेहद उनकी ही तरह शक्तिशाली है। दाहिने हाथ में गदा धारण किए वह खुद सर्वोच्च शक्ति के प्रतीक हैं। धन के देवता कुबेर ने हनुमान जी को शक्तिशाली गदा भेंट की थी।
रामायण में इस गदा की शक्ति का बार-बार जिक्र देखने को मिलता है। भीम, रावण, शनि देव कोई भी इस गदा को पराजित नहीं कर सका।
कौमोदकी
कौमोदकी भगवान विष्णु का वह शस्त्र है, जिसे उन्होंने अपने बाएं हाथ के निचल भाग में धारण किया हुआ था। विष्णु जी का गदा उनकी दिव्य शक्ति, शारीरिक और मानसिक शक्ति का प्रतीक है। यह गदा भगवान श्रीकृष्ण के भी पास था।
महाभारत में वर्णित है कि, अग्नि को कौमोदकी गदा समुद्र देवता वरुण से हासिल हुई थी। हिंदू पौराणिक कथाओं में गदा को एक निर्जीव वस्तु के रूप में दर्शाया जाता है, लेकिन विष्णु की मूर्तियों में कौमोदकी कभी-कभी गदादेवी या गदनारी के नाम से जानी जाने वाली महिला के रूप में दिखाई देती है।
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भीम की गदा
महाभारत में भीम काफी गु्स्सैल स्वभाव के थे, लेकिन उनकी शारीरिक शक्ति में उनका कोई तोड़ नहीं था। भगवान बलराम के शिष्य होने के साथ भीम सर्वश्रेष्ठ गदाधर थे।
उन्होंने कई मौकों पर अपना गदा तोड़ या खो दिया। भीम की सबसे ज्यादा तारीफ दुर्योधन ने की थी, उसने भीम, बलराम, कीचक और शल्य को गदा युद्ध में सर्वश्रेष्ठ और उत्तम बताया। इन सभी दुर्योधन भीम से अधिक प्रभावित हुआ।
दुर्योधन गदा
कुरुक्षेत्र के मैदान में दुर्योधन ने भी अपनी गदाधारी कौशल से सभी को प्रभावित किया था। उसने सिर्फ एक ही युद्ध कौशल को चुना और अपना पूरा जीवन उसमें महारात हासिल करने में लगा दिया। यु्द्ध के 18वें दिन द्वैपायन सरोवर के पास भीमसेन और दुर्योधन के बीच गदा युद्ध हुआ, जिसमें भीमसेन ने जीत हासिल की।
भगवान गणेश का गदा
भगवान गणेश अपने महापरशु और कुल्हाड़ी के लिए काफी प्रसिद्ध हैं। लेकिन अलग-अलग अवतारों में उनका सर्वश्रेष्ठ हथियार गदा है, और इसलिए उन्हें गदाधर कहा जाता है, जो सबसे दुष्ट और भयानक राक्षसों का नाश करने दिव्य गदाधारी हैं। हिंदू धर्म में गदा का अपना एक समृद्ध इतिहास है।
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