गरुड़ पुराण के 5 महा-नियम: मृत्यु के बाद मोक्ष दिलाते हैं दान और धर्म से जुड़े ये पुण्य कार्य
गरुड़ पुराण में मृत्यु के बाद मोक्ष और वैकुंठ धाम की प्राप्ति के लिए 5 महत्वपूर्ण नियम बताए गए हैं। इनमें श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ, दान-धर्म, गंगाजल-तु ...और पढ़ें
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मृत्यु के बाद मोक्ष के 5 मार्ग (Picture Credit- AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में गरुड़ पुराण को अधिक महत्व दिया जाता है। यह अठारह महापुराणों में से एक है। इस धार्मिक ग्रंथ में मृत्यु के बाद की यात्रा के बारे में बताया गया है। इसके अलावा दैनिक दिनचर्या से जुड़े नियम का वर्णन भी किया गया है।
ऐसा माना जाता है कि गरुड़ पुराण की नीतियों का पालन करने से व्यक्ति को मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही यमदूत आत्मा को कष्ट नहीं देते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि ऐसी कौन सी नीतियां हैं, जिससे वैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि गरुड़ पुराण के 5 मुख्य कार्य।
1. श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ- गरुड़ पुराण में वर्णन किया गया है कि जो व्यक्ति जीवन में रोजाना श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ करता है। उसे मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है। ऐसा माना जाता है कि अंतिम समय के दौरान व्यक्ति के पास बैठकर श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ करने से आत्मा को सभी सांसारिक मोह-माया से छुटकारा मिलता है और वैकुंठ कुंठ धाम की प्राप्ति होती है।
2. धार्मिक काम और दान- जो व्यक्ति अपने जीवनकाल के दौरान लोगों की मदद, दान और धार्मिक कार्य करता है, तो उसके मोक्ष की प्राप्ति के मार्ग खुल जाते हैं। इसलिए कहा जाता है कि व्यक्ति को जीवन में लोगों की मदद और धार्मिक कार्य जरूर करने चाहिए। इससे मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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3. गंगाजल और तुलसी का प्रयोग- सनातन धर्म में गंगाजल और तुलसी का अधिक महत्त्व है। ऐसा माना जाता है कि अंतिम समय के दौरान व्यक्ति के मुंह में तुलसी का पत्ता और गंगाजल डाल डालने से मृत्यु के बाद आत्मा को यमदूत कष्ट नहीं देते हैं। उसे वैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है। इसके अलावा व्यकित को गंगा स्नान भी जरूर करना चाहिए। इससे मोक्ष की प्राप्ति के मार्ग खुलते हैं।
4. एकादशी व्रत- सनातन धर्म में एकादशी व्रत का अधिक महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को विधिपूर्वक करने से साधक को सभी पापों से छुटकारा मिलता है और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्ति होती है। साथ ही श्रीहरि भक्तों की मुरादें पूरी करते हैं। गरुड़ पुराण में बतया गया है कि एकादशी व्रत करने से व्यक्ति को मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्त होती है।
5. तुलसी पूजन- धार्मिक मान्यता के अनुसार, तुलसी के पौधे में मां लक्ष्मी का वास होता है। इस पौधे की पूजा करने से साधक को शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। ऐसा माना जाता है कि जो व्यक्ति रोजाना सच्चे मन से तुलसी के पौधे की पूजा-अर्चना और परिक्रमा लगाता है। उसके जीवन में आने वाले सभी संकट दूर हो जाते हैं और मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसलिए सनातन धर्म में तुलसी पूजन पर अधिक जोर दिया जाता है।
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