गरुड़ पुराण में लिखा है साफ-साफ, कभी न करें इन चीजों का दान
गरुड़ पुराण में दान के महत्व और नियमों का विस्तार से वर्णन है, जिसमें बताया गया है कि किन वस्तुओं का दान पुण्यकारी होता है और किनका दान पाप का भागी बन ...और पढ़ें

गरुड़ पुराण के अनुसार जानें किन चीजों का दान करना चाहिए और किनका नहीं (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
गरुड़ पुराण में दान के नियम और महत्व का वर्णन।
गाय, भूमि, तिल, सोना, चांदी का दान पुण्यकारी।
जूठा भोजन, नुकीली वस्तुओं का दान पापकारी।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। गरुड़ पुराण में दान करने को बहुत ही अच्छा बताया गया है, मगर दान किन चीजों का करना चाहिए और किन चीजों का नहीं, इस पर भी विस्तृत जानकारी दी गई है। आमतौर पर हम लोग व्यक्ति की जरूरत के हिसाब से उसे नई या पुरानी वस्तुओं का दान कर देते हैं, मगर गरुड़ पुराण के आचार खंड में साफ-साफ बताया गया है कि किन चीजों का दान किया जा सकता है और किनका कभी नहीं करना चाहिए। तो चलिए इस विषय पर विस्तार से जानते हैं-
इन वस्तुओं का दान करने से मिलता है 'पुण्य'
गरुड़ पुराण के आचार खंड में 10 महादान के बारे में बताया गया है।
- गाय के दान को सबसे अच्छा माना गया है। गाय का दान करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह दान आपको किसी जरूरतमंद व्यक्ति को करना चाहिए ताकि वह गाय के दूध का इस्तेमा कर अपनी भूख को शांत कर सके।
- भूमि का दान भी शुभ होता है। यह दान किसी ऐसे व्यक्ति को करें, जिसके पास रहने और सिर छुपाने के लिए स्थान न हो।
- अगर आपके अंदर आत्मविश्वास की कमी है, तो इसका अर्थ है कि आपका शनि कमजोर है। शनि को मजबूत करने के लिए तिल का दान भी महत्वपूर्ण बताया गया है। शिव पुराण में भी तिल का दान बहुत लाभकारी बताया गया है।
- सोने और चांदी का दान उस व्यक्ति को करें, जिसके पास धन की कमी हो। इस दान से आपका सूर्य मजबूत होता है। सोना दान करने से आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। वहीं चांदी दान करने से आपका चंद्रमा मजबूत होता है। चांदी दान करने से आपका मन शांत होता है क्योंकि चंद्रमा आपके मन और भाव का कारक है।
- घी, अनाज, गुड़ नमक का दान भी जरूर करें। किसी भूखे व्यक्ति को इन सभी चीजों का दान करने से आपके ऊपर माता अन्नपूर्णा की कृपा बनी रहती है।
इन वस्तुओं के दान से लगता है 'पाप'
- किसी को अपना झूठा भोजन दान नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से आपके घर में दरिद्रता आती है।
- कोई नुकीली वस्तु जैसे कैंची या चाकू का दान भी गरुड़ पुराण में वर्जित माना गया है। ऐसा करने से आपका मन विचलित हो सकता है और आप तनावग्रस्त हो सकते हैं।
- बेशक वस्तु जरूरत की हो, मगर अपवित्र हो जैसे- मृतक के कपड़े या वस्तुएं, घर में बचा बासी या खराब खाना, कोई ऐसी वस्तु जिसे दान करने पर सामने वाला परेशानी में पड़ सकता है, उसका दान भी आपको पाप का भागी बना सकता है।
दान के नियम
गरुड़ पुराण में दान के नियमों का भी उल्लेख है, जो इस प्रकार हैं-
- किसी को भी कोई चीज गलत नीयत से दान नहीं करनी चाहिए। यदि आप कोई चीज किसी को दान कर रहे हैं, तो उस वस्तु से सामने वाले को लाभ ही होना चाहिए।
- कोई वस्तु जो आपके लिए कूड़े के समान है, उसका दान भी दान नहीं माना जाता है। किसी वस्तु का आप प्रयोग करते हों और उसी की जरूरत किसी व्यक्ति को पड़ जाए और आप वस्तु का दान कर दें, तो उसे ही दान माना जाएगा।
- अगर आपकी खुद की आर्थिक स्थिति ठीक न हो, तो दान न करें। खुद को दुख पहुंचाकर या किसी अन्य व्यक्ति को दुख पहुंचाकर आपको किसी भी वस्तु का दान नहीं करना चाहिए।
- चोरी या फिर किसी के अधिकार की वस्तु का दान करना भी गरुड़ पुराण में महापाप बताया गया है।
- गरुड़ पुराण में गुप्त दान को ही असली दान बताया गया है। जो दान दिखावे के लिए किया जाए या फिर जिस दान से कोई लाभ जुड़ा हो, उसे दान नहीं माना गया है।
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