Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    सावन 2026: ये 5 पवित्र व्रत रखने से दूर होंगे दुख-दर्द, मिलेगी सुख-समृद्धि

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 11:12 AM (GMT+05:30)

    सावन 2026 में ये 5 पवित्र व्रत रखने से दूर होंगे दुख-दर्द और घर में आएगी सुख-समृद्धि। भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा से जीवन की सभी परेशानियां खत्म ...और पढ़ें

    दुख-दर्द दूर करेंगे ये व्रत।  (Picture Credit- AI Generated)

    दुख-दर्द दूर करेंगे ये व्रत।  (Picture Credit- AI Generated)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई से शुरू हो रहा है। इस माह में कई तीज-त्योहार आते हैं, मगर कुछ दिन बेहद विशेष होते हैं। शिव पुराण और पद्मपुराण में इन दिनों में व्रत रखने और विधि से पूजा करने का महत्व बताया गया है। वैसे तो सावन में कई लोग सोमवार व्रत रखते हैं और कई लोग 16 सोमवार के व्रत भी सावन से शुरू करते हैं। मगर इन पांच व्रतों को रखने से व्यक्ति के अंदर का अहंकार, इच्छाएं और तनाव सभी अनुशासन की आग में जलकर भस्म हो जाते हैं।

    इनके अलावा भी सावन के महीने में (Sawan 2026 Date & Monday Vrat List) कई ऐसे महत्‍वपूर्ण दिन होते हैं, जिन पर व्रत रखकर न केवल आत्‍मशुद्धि होती है बल्कि भक्‍त को जीवन में सुख और समृद्धि भी मिलती है। चलिए आज हम आपको सावन की महीने में आने वाले उन त्‍योहारों के बारे में बताते हैं,  जिन पर व्रत रखकर आप अपने जीवन को और बेहतर बना सकते हैं।

    सावन सोमवार व्रत

    सावन सोमवार व्रत तिथि- अगस्‍त 3, 10, 17, 24

    सावन के सभी सोमवारों पर व्रत रखना बहुत ही शुभ माना गया है। मान्‍यता है कि सावन में पड़ने वाले सभी सोमवारों को व्रत रखने से आपकी अंतरात्मा और मन दोनों को ही मजबूती मिलती है। आप अपने लक्ष्‍यों पर अधिक ध्‍यान दे पाते हैं और अपनी इच्‍छाओं को नियंत्रण में रख पाते हैं।

    सावन प्रदोष व्रत

    सावन प्रदोष व्रत तिथि - अगस्‍त 10- सोम प्रदोष, अगस्‍त 25 भौम प्रदोष

    साल भर में 24 प्रदोष व्रत पड़ते हैं। यदि आप किसी भी प्रदोष का व्रत नहीं रखते हैं, लेकिन सावन के प्रदोष का व्रत रखते हैं, तो इन्‍हें एक साथ साल भर के प्रदोष व्रत रखने के बराबर माना जाता है।इस बार भी सावन में दो प्रदोष व्रत पड़ रहे हैं। एक सोम प्रदोष और दूसरा भौम प्रदोष, इन दोनों व्रतों को रखने से आप अपने पुराने कर्मों के कारण बनी रुकावटों, दुख और नकारात्मक ऊर्जाओं से मुक्ति पा सकते हैं।प्रदोष का व्रत आपको आपके द्वारा किए गए बुरे कर्मों के पाप को धोने का मौका देता है, ताकि जीवन में नई सकारात्मक ऊर्जा आ सके और आत्मा के ऊपर से पाप का बोझ हल्का हो सके। इस व्रत के माध्यम से आप जप, तप, दान, तीर्थ, प्रायश्चित और क्षमा सभी कुछ कर सकते हैं।

    खबरें और भी

    सावन शिवरात्रि व्रत

    सावन शिवरात्रि व्रत तिथि - अगस्‍त 11

    सावन की शिवरात्रि का भी बहुत अधिक महत्‍व है। इसी दिन कांवड़ यात्रा करने वाले शिव जी पर अपनी कांवड़ से जल अर्पित करते हैं। सावन में यह दिन एक पर्व की तरह मनाया जाता है। शिवभक्त इस दिन भी भगवान शिव और पार्वती का व्रत रखते हैं। इसे बहुत ही पवित्र रात्रि माना गया है, जब शिव ऊर्जा सबसे अधिक सक्रिय होती है। इस दिन व्रत, रुद्राभिषेक, जप और ध्यान करने से आत्मा शुद्ध होती है।

    मंगला गौरी व्रत

    मंगला गौरी व्रत तिथि- अगस्‍त 4, 11, 18, 25

    सावन में केवल सोमवार के दिन का महत्व नहीं है। सावन के मंगल भी खास होते हैं और इस माह के सभी मंगलवारों को मंगला गौरी के व्रत रखने का महत्व बताया गया है। इस बार सावन में चार मंगल पड़ेंगे। यह व्रत खासतौर पर महिलाओं के लिए होते हैं, अखंड सौभाग्य पाने के लिए इन व्रतों को नियम से करना बहुत ही जरूरी होता है। मंगला गौरी व्रत में उपवास रखने और विधि से देवी पार्वती की पूजा करने का विधान बताया गया है।

    नागपंचमी व्रत

    नागपंचमी व्रत तिथि- 17 अगस्त

    सावन के सभी जरूरी व्रतों में से एक नागपंचमी का व्रत, भक्‍त को पितृ दोष से मुक्ति दिलाता है। नाग भगवान शिव का आभूषण हैं, इस दिन इनकी पूजा करने से भय, रोग और नकारात्‍मक ऊर्जा नष्‍ट होती है।

    अतः शरीर में क्षमता है तो सावन के इन पांच व्रतों को अवश्य विधि के साथ रखें।

    यह भी पढ़ें- सावन 2026 में सूर्य और चंद्र ग्रहण का साया: मेष से कन्या राशि तक पर प्रभाव और अचूक उपाय

    यह भी पढ़ें- सावन में इस बार 4 सोमवारी, लेकिन 17 अगस्त का दिन होगा सबसे खास; 23 साल बाद बन रहा दुर्लभ संयोग!

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।