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Aaj ka Panchang 10 अप्रैल 2026: आज पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र और कालाष्टमी का अद्भुत संयोग, देखें पूरा पंचांग

Published: Fri, 10 Apr 2026 06:00 AM (IST)Updated: Fri, 10 Apr 2026 08:18 AM (IST)

Aaj ka Panchang 10 अप्रैल 2026 के अनुसार, भगवान काल भैरव की कृपा पाने और जीवन के कष्ट दूर करने ...और पढ़ें

Aaj ka Panchang 10 अप्रैल 2026 पढ़ें आज का पंचांग। (Image Source: AI-Generated)

Aaj ka Panchang 10 अप्रैल 2026 पढ़ें आज का पंचांग। (Image Source: AI-Generated)

आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। आज का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद खास है, क्योंकि आज वैशाख कालाष्टमी (Kalashtami 2026) मनाई जा रही है। आज रात्रि 11:15 बजे तक अष्टमी तिथि है, जिसके बाद नवमी की शुरुआत होगी। आज 'शिव' योग और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का अद्भुत संयोग बन रहा है, जो विजय और सिद्धि दिलाने वाला माना जाता है।

अगर आप आज कोई महत्वपूर्ण लेन-देन करने वाले हैं, नई योजना की शुरुआत कर रहे हैं, या यात्रा पर जाने का विचार कर रहे हैं, तो आपके लिए शुभ समय (अभिजीत मुहूर्त) और अशुभ समय (राहुकाल) की जानकारी होना बहुत जरूरी है। आइए एस्ट्रोलॉजर आनंद सागर पाठक से जानते हैं आज की तिथि, शुभ-अशुभ योग, सूर्योदय, सूर्यास्त और राहुकाल (Aaj ka Panchang 10 April 2026) का समय समेत आदि जानकारी।

तिथि: कृष्ण अष्टमी
मास: वैशाख
दिन: शुक्रवार
संवत्: 2083

तिथि: कृष्ण अष्टमी – रात्रि 11:15 बजे तक, फिर नवमी
योग: शिव – सायं 06:31 बजे तक, फिर सिद्ध
करण: बालव – प्रातः 10:21 बजे तक
करण: कौलव – रात्रि 11:15 बजे तक

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय: प्रातः 06:01 बजे
सूर्यास्त का समय: सायं 06:44 बजे
चंद्रोदय का समय: रात्रि 02:10 बजे (11 अप्रैल)
चंद्रास्त का समय: प्रातः 11:35 बजे

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(Image Source: AI-Generated)

सूर्य और चंद्रमा की राशियां

सूर्य देव: मीन राशि में स्थित हैं
चन्द्र देव: धनु राशि में स्थित हैं (सायं 06:04 बजे तक, फिर मकर)

आज के शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:57 बजे से दोपहर 12:48 बजे तक
अमृत काल: प्रातः 06:08 बजे से प्रातः 07:54 बजे तक

आज के अशुभ समय

राहुकाल: प्रातः 10:47 बजे से दोपहर 12:23 बजे तक
गुलिकाल: प्रातः 07:37 बजे से प्रातः 09:12 बजे तक
यमगण्ड: दोपहर 03:33 बजे से सायं 05:09 बजे तक

आज का नक्षत्र

आज चंद्रदेव पूर्वाषाढ़ा और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र: प्रातः 11:28 बजे से अगले दिन तक
नक्षत्र स्वामी: सूर्यदेव
राशि स्वामी: बृहस्पतिदेव और शनिदेव
देवता: विश्वेदेव (विजय और धर्म के देवता)
प्रतीक: हाथी का दांत या छोटा पलंग
सामान्य विशेषताएं: मेहनती, धैर्यवान, अनुशासित, प्रभावशाली व्यक्तित्व, दयालु, नेक दिल, विश्वसनीय, बुद्धिमान, मिलनसार, काम के प्रति समर्पित, धार्मिक और कम खर्चीले।

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यह दैनिक पंचांग Astropatri.com, की तरफ से प्रस्तुत किया गया है। सुझाव या प्रतिक्रिया के लिए कृपया hello@astropatri.com पर संपर्क करें।