भूलकर भी न करें इन 3 चीजों का अपमान, रूठ जाएंगी माता लक्ष्मी और चली जाएगी सुख-समृद्धि
नारद पुराण में उन तीन चीजों का वर्णन है जिनका अपमान करने से देवी लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं और जीवन से सुख-समृद्धि चली जाती है। ...और पढ़ें

सुख-समृद्धि के लिए भूलकर भी न करें इन 3 पवित्र चीजों का अपमान (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में इस बात का वर्णन कई स्थानों पर मिलता है कि मनुष्य अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए क्या-क्या पुण्य कर्म कर सकता है। मगर केवल नारद पुराण में यह बताया गया है कि मनुष्य को ऐसा क्या नहीं करना चाहिए, जो उसके जीवन में सुख-समृद्धि छीन सकता है और देवी लक्ष्मी को नाराज कर सकता है। हम आपको ऐसी 3 चीजों के बारे में आज बताएंगे, जिसका भूल से भी अपमान करने पर आपको जीवन में कष्ट झेलने पड़ सकते हैं और कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
गाय का अपमान
हिंदू धर्म में गौसेवा को सबसे महत्वपूर्ण बताया गया है। मान्यता है कि गाय में तैंतीस करोड़ देवी देवता का वास होता है। एक कथा के अनुसार गाय को पंचभूतों की मां कहा जाता है। गाय में पूरा ब्रह्मांड समाहित है। ऐसे में गाय को मारना, उसे कष्ट पहुंचाना या उसे खराब भोजन देना नारद पुराण में अपराध बताया गया है।कहते हैं गौसेवा करना सौ पुण्य कार्यों को करने के बराबर है। ऐसे में गाय का किसी भी प्रकार से अपमान हिंदू धर्म में स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
(Picture Credit- AI Generated)
तुलसी का अपमान
तुलसी को देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। यह एक दिव्य पौधा है। अगर आप अपवित्र हाथों से तुलसी को स्पर्श करते हैं, इसकी पत्तियों को नष्ट करते हैं या फिर किसी गलत उद्देश्य से तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको सीधे श्री हरि विष्णु भगवान के प्रकोप का सामना करना पड़ सकता है। तुलसी का अपमान आप से क्षण भर में सब कुछ छीन सकता है। आपके जीवन में दरिद्रता आ सकती है, आपकी सेहत को नुकसान पहुंच सकता है और परिवार में क्लेश का माहौल उत्पन्न हो सकता है।
गंगाजल का अपमान
हिंदू धर्म में गंगा नदी को सबसे पवित्र और जीवनदायनी माना गया है। इस दिव्य नदी का अपमान भी आपको घोर संकट में डाल सकता है। नारद पुराण के अनुसार जो व्यक्ति गंगा जल का अपमान करता है, उसका गलत प्रयोग करता है या उसे दूषित करने का अपराध करता है, उस व्यक्ति द्वारा किए गए सभी पुण्य कर्मों के फल एक पल में समाप्त हो जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं में देवी गंगा को मां का दर्जा प्राप्त है, ऐसे में मां का अपमान करने वाले को नरक में भी जगह नहीं दी जाती है।
खबरें और भी
अतः ऊपर बताई गई इन तीन बातों को आपको विशेष ध्यान रखना है और अनजाने में भी इनके अपमान का विचार अपने मन में नहीं आने देना है।
यह भी पढ़ें- नारद पुराण में लिखा है साफ-साफ भूलकर भी न छुएं ये 5 चीजें, नहीं तो छिन सकता है सब कुछ
यह भी पढ़ें- ब्रह्मांड के पहले 'जर्नलिस्ट' नारद मुनि से जुड़े 5 रोचक तथ्य, जो आपको हैरान कर देंगे!
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।