नारद पुराण में लिखा है साफ-साफ भूलकर भी न छुएं ये 5 चीजें, नहीं तो छिन सकता है सब कुछ
नारद पुराण के अनुसार, कुछ वस्तुओं को छूने से जीवन में दुर्भाग्य और दरिद्रता आ सकती है, जिनसे बचना चाहिए। ...और पढ़ें

नारद पुराण: इन 5 वस्तुओं का स्पर्श ला सकता है दुर्भाग्य (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। जीवन में हम जो कर्म करते हैं, हमें फल भी उसी का मिलता है, मगर कई बार भूलवश हमसे वो काम भी हो जाते हैं, जो हमारा सब कुछ बरबाद कर सकते हैं। हिंदू धर्म में ऐसी ही कुछ वस्तुओं के स्पर्श को बुरा बताया गया है। नारद पुराण के उत्तर भाग में इसका वर्णन भी मिलता है। चलिए, हम आपको उन चीजों के बारे में बताते हैं, जो आपसे आपका सब कुछ छीन सकती हैं।
किसी के अंतिम संस्कार की अपवित्र चीज
किसी की अंतिम यात्रा में आप शामिल हो रहे हैं और वहां पर आप किसी अपवित्र चीज जैसे मृत व्यक्ति की हड्डी या फिर उसके उतरे हुए वस्त्र या जेवर को हाथ लगते हैं, नकारात्मक ऊर्जा आपको जकड़ लेती है। यह आपके दुर्भाग्य का कारण बन सकता है। यदि गलतीवश या किसी कारण से आपको ऐसा करना पड़े तो किसी पवित्र नदी में आपको स्नान करना चाएिह।
गिरे हुए भोजन
जमीन पर गिरे हुए भोजन को कभी भी पैरों से स्पर्श नहीं करना चाहिए। यह आपके बुध ग्रह को खराब करता है। इससे धन की भी हानि होती है और इसे देवी लक्ष्मी का अपमान माना जाता है। गिरे हुए भोजन को हमेशा हाथों से उठाकर किसी ऐसे स्थान पर रख देना चाहिए, जहां कोई पशु-पक्षी उसे ग्रहण कर सकें।

(Picture Credit- AI Generated)
कुत्ते का स्पर्श
कुत्ते को कभी भी पैरों से स्पर्श नहीं करना चाहिए। नारद पुराण में साफ लिखा है कि यह आपके शनि को खराब करता है। इससे आपके जीवन में निर्धनता आती है।
झाड़ू का स्पर्श
गंदी झाड़ू का शरीर से स्पर्श नारद पुराण में खराब बताया गया है। इससे जीवन में दरिद्रता आती है। पुराण में इस बात का भी उल्लेख मिलता है कि पैरों से कभी भी झाड़ू को नहीं स्पर्श करना चाहिए, इसमें देवी लक्ष्मी का वास होता है। गंदी झाड़ू को शुक्रवार के दिन घर से बाहर कर देना चाहिए।
खबरें और भी
दाह-संस्कार की चीजों का स्पर्श
किसी के दाह संस्कार में इस्तेमाल होने वाली लकड़ी, नारियल, कपड़े, मटका आदि का स्पर्श नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से नकारात्मक शक्तियां आपके शरीर में वास करने लगती हैं।
अतः ऊपर बताई गई चीजों को भूलकर भी स्पर्श न करें और यदि ऐसा गलती से भी हो जाए, तो उसके निवारण का उपाय जरूर करें।
यह भी पढ़ें- जब मां कामाख्या के गुस्से से समुद्र की गहराइयों में बंध गए थे भगवान विष्णु, ऐसे मिली थी मुक्ति
यह भी पढ़ें- अमरनाथ गुफा की वो रहस्य, जिसने कबूतर के जोड़े को कर दिया अमर; आज भी मिलता हैं सबूत
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।