अमरनाथ गुफा की वो रहस्य, जिसने कबूतर के जोड़े को कर दिया अमर; आज भी मिलता हैं सबूत
अमरनाथ गुफा में भगवान शिव ने मां पार्वती को अमरत्व की कथा सुनाई थी, जिसे कबूतरों के एक जोड़े ने सुन लिया। इसी कारण वे अमर हो गए और महादेव ने उन्हें वह ...और पढ़ें

कबूतर का जोड़ा कैसे हुआ अमर? (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
शिव जी ने पार्वती को अमरत्व की कथा अमरनाथ में सुनाई
कबूतरों के जोड़े ने कथा सुनकर अमरत्व प्राप्त किया
महादेव ने कबूतरों को अमरनाथ गुफा में रहने का वरदान दिया
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में अमरनाथ यात्रा बेहद फलदायी मानी जाती है। हर साल बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अधिक संख्या में श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा करते हैं। यात्रा के समय हिमालय की दुर्गम और बर्फीली पहाड़ियों के बीच श्रद्धालुओं में बेहद खास उत्साह देखने को मिलता है।
अमरनाथ गुफा में बर्फ से प्राकृतिक शिवलिंग का निर्माण होता है, जिसके दर्शन करने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस गुफा में कबूतर का जोड़ा भी है, जिसे अमर पक्षी कहा जाता है, क्योंकि इन कबूतरों ने भगवान शिव से अमर कथा सुन ली थी, जिसके बाद महादेव ने कबूतरों को अमर होने का वरदान दे दिया। ऐसे आइए जानते हैं कि अमरनाथ गुफा में अमर कबूतरों की पूरी पौराणिक कथा।
भगवान शिव ने सुनाई मां पार्वती को कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार भगवान शिव से मां पार्वती ने अमरत्व का रहस्य जानने की इच्छा जाहिर की। महादेव को इस बात की जानकारी थी कि अगर अमरत्व की कथा को कोई सुन लेगा, तो वो मृत्यु के चक्र से मुक्त होकर अमर हो जाएगा। इसी वजह से भगवान शिव ने मां पार्वती को कथा को सुनाने के लिए अत्यंत गुप्त और एकांत स्थान चुना, जिसका नाम अमरनाथ गुफा है। कथा को सुनाने से पहले महादेव ने मां पार्वती से कहा कि कथा के दौरान आपके साथ कोई न हो।
अमरनाथ गुफा में महादेव ने पहुंचकर मां पार्वती को कथा सुनाना शुरू किया। कथा के दौरान अमरनाथ गुफा में कबूतर का जोड़ा भी मौजूद था। ऐसे में कबूतर के जोड़े ने महादेव की अमरत्व की कथा सुन ली। उसी वजह उसे अमर होने वरदान प्राप्त हो जाता है।
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जब कथा का समापन हुआ, तो महादेव ने आंखें खोलीं, तो उन्होंने कबूतर के जोड़े को देखा। यह देखकर भगवान बेहद क्रोधित हुए और उनके रहस्य को किसी और ने सुन लिया है। कबूतरों ने महादेव से कहा कि हमने आपकी कथा सुन ली है। इसके बाद भगवान शिव ने उन कबूतरों को जीवनदान दिया। साथ यह वरदान दिया कि तुम दोनों हमेशा के लिए अमर हो गए हो और तुम अब इसी जगह पर भगवान शिव और मां पार्वती के प्रतीक के रूप में हमेशा निवास करोगे।
अमरनाथ गुफा कबूतर का जोड़ा अमर होने की कथा का वर्णन शिव पुराण और स्कंद पुराण में देखने को मिलता है। इसके अलावा भृंगीश संहिता में भी इस कथा का वर्णन है।
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