कंगाली दूर करेंगे अक्षय तृतीया के ये गुप्त दान, तिजोरी में नहीं होगी धन की कमी
अक्षय तृतीया (Akshay Tritiya 2026) का दिन मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु को समर्पित है। ...और पढ़ें

Akshay Tritiya: अक्षय तृतीया के दान। (Ai Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया की तिथि को अबूझ मुहूर्त माना जाता है, जिसका मतलब है कि इस दिन (Akshay Tritiya 2026) किया गया कोई भी शुभ काम या दान का फल कभी समाप्त नहीं होता है। यह पर्व धन, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन कुछ विशेष वस्तुओं का गुप्त दान करने से न केवल कंगाली दूर होती है, बल्कि पुराने कर्ज और आर्थिक बाधाओं से भी मुक्ति मिलती है। आइए जानते हैं अक्षय तृतीया पर किए जाने वाले उन महादान के बारे में, जो आपकी किस्मत बदल सकते हैं।

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करें ये गुप्त दान
- जल से भरा कलश - अक्षय तृतीया पर जल का दान सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। किसी प्यासे को पानी पिलाना या किसी मंदिर में मिट्टी का घड़ा दान करने से कुंडली के अशुभ ग्रहों का प्रभाव कम होता है और घर में बरकत आती है।
- सत्तू और गुड़ का दान - गर्मी के मौसम में सत्तू का दान अच्छी सेहत और सौभाग्य दोनों के लिए फलदायी माना गया है। गुप्त रूप से सत्तू और गुड़ का दान करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और धन के मार्ग में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।
- मिट्टी के पात्र और पंखा - हाथ से चलने वाले पंखे या मिट्टी के बर्तनों का दान करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। इसके साथ ही कारोबार और करियर में उन्नति के योग बनते हैं।
- स्वर्ण या चने की दाल - अगर आप सोना नहीं खरीद सकते, तो सोने के समान फल देने वाली चने की दाल का दान करें। यह बृहस्पति ग्रह को मजबूत करता है, जिससे सुख-समृद्धि बढ़ती है।
- जूते-चप्पल और छाता - इस दिन जरूरतमंदों को छाता या चप्पल दान करने से राहु-केतु के दोष शांत होते हैं और अचानक आने वाली विपत्तियों से रक्षा होती है।
दान करते समय रखें इन बातों का ध्यान
- दान हमेशा गुप्त होना चाहिए, यानी इसका दिखावा न करें। कहा जाता है कि दाएं हाथ से किए दान का पता बाएं हाथ को भी न चले, तभी वह फलदायी होता है।
- दान हमेशा प्रसन्न मन और निस्वार्थ भाव से करें।
- तामसिक चीजों का दान न करें।
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