Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Amalaki Ekadashi 2024: आमलकी एकादशी के दिन इन बातों का रखें विशेष ध्यान, भगवान विष्णु होंगे प्रसन्न

    Updated: Sun, 10 Mar 2024 03:24 PM (IST)

    आमलकी एकादशी (Amalaki Ekadashi 2024) का व्रत भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को समर्पित है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन श्री हरि की पूजा भाव के साथ करने से ...और पढ़ें

    Amalaki Ekadashi 2024: आमलकी एकादशी के दिन इन बातों का रखें ध्यान
    Amalaki Ekadashi 2024: आमलकी एकादशी के दिन इन बातों का रखें ध्यान

    HighLights

    1. सनातन धर्म में आमलकी एकादशी बेहद महत्वपूर्ण मानी गई है।
    2. यह पर्व शुक्ल पक्ष के ग्यारहवें दिन मनाया जाता है।
    3. इस साल यह व्रत 20 मार्च को रखा जाएगा।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Amalaki Ekadashi 2024: सनातन धर्म में आमलकी एकादशी बेहद महत्वपूर्ण मानी गई है। यह पर्व शुक्ल पक्ष के ग्यारहवें दिन मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्री हरि विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विधान है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन श्री हरि की पूजा श्रद्धा के साथ करने से पापों का नाश होता है। साथ ही घर में बरकत आती है। इस साल यह व्रत 20 मार्च, 2024 को रखा जाएगा। तो आइए इस दिन से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण (Amalaki Ekadashi 2024 Shubh Muhurt) बातों को जानते हैं -

    आमलकी एकादशी के दिन इन बातों का रखें ध्यान

    • एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए, क्योंकि कहा जाता है कि मां तुलसी भगवान विष्णु के लिए इस दिन का उपवास रखती हैं।
    • जो जातक एकादशी का व्रत निर्जला रखते हैं, उन्हें इस दिन कुछ भी खाने-पीने से बचना चाहिए।
    • एकादशी के दिन साबुन से नहीं नहाना चाहिए।
    • भले ही आप व्रत कर रहे हों या नहीं, लेकिन एकादशी के दिन चावल से बनी चीजें नहीं खानी चाहिए।
    • एकादशी के दिन भगवान विष्णु के भोग में तुलसी दल जरूर डालना चाहिए।
    • एकादशी के दिन किसी के बारे में बुरा बोलने से बचना चाहिए, साथ ही अपना मन शांत रखना चाहिए।
    • इस दिन तामसिक चीजें जैसे- मांस, शराब, लहसुन, प्याज आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।
    • इस दिन सात्विक भोजन ही करना चाहिए।
    • इस दिन बड़ों का अपमान करने से बचना चाहिए।
    • एकादशी के दिन ज्यादा से ज्यादा पूजा-पाठ में शामिल होना चाहिए।

    भगवान श्री हरि विष्णु का पूजन मंत्र

    • ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।
    • ॐ ह्रीं कार्तविर्यार्जुनो नाम राजा बाहु सहस्त्रवान। यस्य स्मरेण मात्रेण ह्रतं नष्‍टं च लभ्यते।।

    यह भी पढ़ें: Sarvartha Siddhi Yoga: आज फाल्गुन अमावस्या पर बन रहा सर्वार्थ सिद्धि योग, इस दौरान रखें इन बातों का विशेष ध्यान

    डिसक्लेमर: 'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'