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    ब्रह्म मुहूर्त में सोने वाले हो जाएं सावधान, प्रेमानंद महाराज जी ने दी चेतावनी, झेलना पड़ सकता है भारी नुकसान

    Updated: Mon, 27 Jul 2026 07:00 AM (IST)

    प्रेमानंद महाराज ने ब्रह्म मुहूर्त में सोने के प्रति आगाह किया है, इसे जीवन का सबसे शक्तिशाली और पवित्र समय बताया है। उन्होंने सुबह 4 से 6 बजे के बीच ...और पढ़ें

    ब्रह्म मुहूर्त में जरूर करें ये काम (AI-generated image)

    ब्रह्म मुहूर्त में जरूर करें ये काम (AI-generated image) 

    HighLights

    1. ब्रह्म मुहूर्त रात का चौथा और अंतिम शुभ प्रहर होता है।

    2. प्रेमानंद महाराज ने ब्रह्म मुहूर्त को जीवन का शक्तिशाली समय बताया।

    3. इस समय उठकर साधना से मानसिक शांति और सुख-समृद्धि मिलती है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में ब्रह्म मुहूर्त के समय को सबसे शुभ माना जाता है। यह समय रात का चौथा और आखिरी प्रहर होता है। ब्रह्म मुहूर्त के दौरान वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। एक कारण यह भी है कि ब्रह्म मुहूर्त के समय पूजा-अर्चना और ध्यान करने के लिए शुभ माना जाता है।

    इसलिए ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करने के बाद देवी-देवताओं की साधना जरूर करनी चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त में साधना करने से व्यक्ति को मानसिक शांति प्राप्त होती है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।

    सनातन शास्त्रों में ब्रह्म मुहूर्त के धार्मिक महत्त्व के बारे में वर्णन किया गया है। वहीं, वृंदावन के संत पूज्य प्रेमानंद जी महाराज जी ने ब्रह्म मुहूर्त के समय को जीवन का सबसे शक्तिशाली और पवित्र समय बताया है। प्रेमानंद जी महाराज जी ने बताया है कि सुबह 4 से 6 बजे तक का समय भजन के लिए अधिक लाभकारी होता है।

    ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको प्रेमानंद जी महाराज जी के अनुसार बताते हैं कि ब्रह्म मुहूर्त में उठने से कौन फायदे मिलते हैं और ब्रह्म मुहूर्त में कौन से काम करने से शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं।

    ब्रह्म मुहूर्त पर प्रेमानंद जी महाराज जी ने कही ये बात

    प्रेमानंद महाराज जी बताते हैं कि ब्रह्म मुहूर्त में सोने से व्यक्ति को जीवन में मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही मन ही गलत भावनाएं आ सकती हैं। इसी वजह से हमारे ऋषियों ने कहा है कि ब्रह्म मुहूर्त में जरूर उठना चाहिए।

    ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने के बाद भगवद गीता का पाठ, गुरुजनों का सुमिरन करें। इसके अलावा गुरु मंत्र का भी जप करें। श्री जी की मंगला आरती करें। प्रेमानंद जी महाराज जी ने कहा है कि मंगल बेला के दौरान भूलकर भी नहीं सोना चाहिए। ऐसा करने से जीवन में नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने बताया गया कि अगर सुबह उठ नहीं पाते, तो ऐसी स्थिति में अलार्म की मदद ले सकते हैं। इसके लिए आपको रोजाना प्रयास करना होगा। इसलिए ब्रह्म मुहूर्त में उठने के लिए नियम जरूर बनाना चाहिए।

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    ब्रह्म मुहूर्त में उठने के धार्मिक लाभ

    धार्मिक मान्यता के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त के दौरान देवी-देवता और ऋषि-मुनि पृथ्वी पर भ्रमण करते हैं। इसलिए इस समय उठकर ध्यान करना अधिक लाभकारी होता है और ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त में उठने से मन शांत रहता है और जीवन में बड़े बदलाव देखने को मिलते हैं।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।