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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Pradosh Vrat 2025: भौम प्रदोष व्रत पर राशि अनुसार करें इन मंत्रों का जप, आर्थिक तंगी से मिलेगी निजात

    By Pravin KumarEdited By: Pravin Kumar
    Updated: Mon, 03 Mar 2025 08:50 PM (IST)

    प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat 2025) का फल दिन अनुसार प्राप्त होता है। मंगलवार के दिन पड़ने के चलते यह भौम प्रदोष व्रत कहलाएगा। भौम प्रदोष व्रत करने से साधक ...और पढ़ें

    Pradosh Vrat 2025: भगवान शिव को कैसे प्रसन्न करें?
    Pradosh Vrat 2025: भगवान शिव को कैसे प्रसन्न करें?

    HighLights

    1. सनातन धर्म में त्रयोदशी तिथि का खास महत्व है।
    2. यह तिथि देवों के देव महादेव को समर्पित है।
    3. इस दिन शिव जी और मां पार्वती की पूजा की जाती है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, मंगलवार 11 मार्च को प्रदोष व्रत है। यह पर्व प्रत्येक माह के कृष्ण एवं शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन देवों के देव महादेव और जगत की देवी मां पार्वती की पूजा की जाती है। साथ ही उनके निमित्त प्रदोष व्रत रखते हैं। इस व्रत को करने से साधक की हर परेशानी दूर हो जाती है। साथ ही जीवन सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है। इस शुभ अवसर पर साधक श्रद्धा भाव से भगवान शिव-शक्ति की पूजा करते हैं। अगर आप भी देवों के देव महादेव की कृपा के भागी बनना चाहते हैं, तो प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat 2025) पर भक्ति भाव से महादेव की पूजा करें। वहीं, पूजा के समय राशि अनुसार इन मंत्रों का जप करें।

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    प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त (Pradosh Vrat Shubh Muhurat)

    वैदिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 11 मार्च को सुबह 08 बजकर 13 मिनट पर होगी और समाप्ति 12 मार्च को सुबह 09 बजकर 11 मिनट पर होगी। त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा की जाती है। इसके लिए 11 मार्च को प्रदोष व्रत मनाया जाएगा।

    राशि अनुसार मंत्र जप

    • मेष राशि के जातक प्रदोष व्रत पर पूजा के समय 'ॐ महाकाल नमः और ॐ पूर्णानन्दाय नमः' मंत्र का जप करें।
    • वृषभ राशि के जातक फाल्गुन माह की त्रयोदशी तिथि पर 'ॐ उमापति नमः और ॐ महामतये नमः' मंत्र का जप करें।
    • मिथुन राशि के जातक भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए 'ॐ भोलेनाथ नमः और ॐ पूर्णबोधाय नमः' मंत्र का जप करें।
    • कर्क राशि के जातक महादेव की कृपा पाने के लिए 'ॐ चंद्रधारी नमः और ॐ भीमाय नमः' मंत्र का जप करें।
    • सिंह राशि के जातक भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए 'ॐ ज्योतिलिंग नमः और ॐ लोकनाथाय नमः' मंत्र का जप करें।
    • कन्या राशि के जातक मनचाहा वरदान पाने के लिए 'ॐ त्रिनेत्रधारी नमः और ॐ सुरेशाय नमः' मंत्र का जप करें।
    • तुला राशि के जातक रवि प्रदोष व्रत पर पूजा के समय 'ॐ केदारनाथ नमः और ॐ कपिराजाय नमः' मंत्र का जप करें।
    • वृश्चिक राशि के जातक भगवान शिव की कृपा पाने के लिए 'ॐ सोमनाथ नमः और ॐ वीराय नमः' मंत्र का जप करें।
    • धनु राशि के जातक तंगी को दूर करने के लिए 'ॐ महेश नमः और ॐ ब्रह्मण्याय नमः' मंत्र का जप करें।
    • मकर राशि के जातक प्रदोष व्रत के दिन 'ॐ नागधारी नमः और ॐ रामदूताय नमः' मंत्र का जप करें।
    • कुंभ राशि के जातक भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए 'ॐ नीलेश्वर नमः और ॐ हनुमते नमः' मंत्र का जप करें।
    • मीन राशि के जातक प्रदोष व्रत के दिन पूजा के समय 'ॐ गोरीशंकर नमः और ॐ अञ्जनापुत्राय नमः' मंत्र का जप करें।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

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