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बुद्ध पूर्णिमा को यूं ही नहीं कहा जाता 'तीन बार धन्य उत्सव', इस दिन हुए थे 3 महाचमत्कार

Published: Sat, 25 Apr 2026 11:30 AM (IST)

हिंदू और बौद्ध, दोनों ही धर्मों में वैशाख महीने की पूर्णिमा का विशेष महत्व है, क्योंकि इस दिन बुद्ध पूर्णिमा मनाई जाती है।

पढ़ें बुद्ध पूर्णिमा का महत्व (Picture Credit: Freepik)

पढ़ें बुद्ध पूर्णिमा का महत्व (Picture Credit: Freepik) 

HighLights

  1. लुंबिनी में हुआ था सिद्धार्थ गौतम का जन्म

  2. बोधगया में बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त हुआ

  3. कुशीनगर में बुद्ध ने प्राप्त किया महापरिनिर्वाण

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। पंचांग के अनुसार, इस साल बुद्ध पूर्णिमा का पावन पर्व शुक्रवार, 1 मई को बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाएगा। यह दिन इसलिए भी खास है, क्योंकि इसी शुभ तिथि पर भगवान गौतम बुद्ध के जीवन की 3 सबसे बड़ी घटनाएं घटित हुई थीं, जिनके बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं।

बुद्ध पूर्णिमा पर हुए थे ये 3 चमत्कार -

बुद्ध पूर्णिमा (वैशाख पूर्णिमा) के दिन भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़ी तीन प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं -

सिद्धार्थ का जन्म - धार्मिक और ऐतिहासिक ग्रंथों के अनुसार, वैशाख मास की पूर्णिमा पर ही लुंबिनी (आधुनिक नेपाल) में राजा शुद्धोधन और रानी महामाया के पुत्र के रूप में सिद्धार्थ का जन्म हुआ, जो आगे चलकर महात्मा बुद्ध कहलाए।

ज्ञान की प्राप्ति - वैशाख माह की पूर्णिमा पर ही बोधगया में बोधि वृक्ष के नीचे सिद्धार्थ को परम ज्ञान की प्राप्ति हुई, जिसके बाद वह 'बुद्ध' कहलाए। इस दौरान गौतम बुद्ध केवल 35 वर्ष के थे और उन्होंने अपने शिक्षाओं के माध्यम से दुनिया को सही रास्ता दिखाया।

महापरिनिर्वाण — महापरिनिर्वाण का अर्थ है 'अंतिम निर्वाण' यानी जन्म-मृत्यु के चक्र से पूर्ण मुक्ति है। वैशाख पूर्णिमा पर ही कुशीनगर (उत्तर प्रदेश) में महात्मी बुद्ध ने सांसारिक बंधनों को त्याग कर महापरिनिर्वाण प्राप्त किया। 

Buddha Purnima ai

(Picture Credit- AI Generated)

बुद्ध पूर्णिमा का महत्व

बुद्ध पूर्णिमा पर भगवान बुद्ध के जीवन में हुए तीन महत्वपूर्ण घटनाओं के कारण, बुद्ध पूर्णिमा को केवल उनके जन्मदिन नहीं, बल्कि संपूर्ण जीवन-चक्र की पूर्णता का प्रतीक माना जाता है। इन्ही अद्भुत संयोगों के कारण इस दिन को सबसे चमत्कारी दिन माना जाता है और "तीन बार धन्य उत्सव" व "त्रिगुण धन्य दिवस" कहा जाता है। यह पर्व शांति, अहिंसा, करुणा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

बुद्ध पूर्णिमा पर करें इन मंत्रों का जप

बुद्ध पूर्णिमा के दिन इन शक्तिशाली मंत्रों का जप करने से विशेष लाभ मिलता है -

  • भगवान बुद्ध का ध्यान करते समय "बुद्धं शरणं गच्छामि" मंत्र का जप करें। इस मंत्र के जाप से मन को अद्भुत शांति मिलती है।
  • बुद्ध पूर्णिमा पर पीपल वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व है। ऐसे में पीपल के पेड़ की पूजा करते समय आप "ॐ मणि पद्मे हुं" मंत्र का जप कर सकते हैं।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।

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