Fasting Rules: क्या व्रत में साबूदाना खाना वाकई सही है? जानें शास्त्रों से जुड़े नियम
नवरात्र व्रत (Navratri Fast) में साबूदाना (Sabudana) सबसे लोकप्रिय फलाहार है, लेकिन क्या यह शास्त्रों के अनुसार शुद्ध है? शास्त्रों के अनुसार, जानें स ...और पढ़ें

नवरात्र व्रत में साबूदाना खाना सही या नहीं? (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेक्स, नई दिल्ली। नवरात्र (Navratri 2026) के नौ दिनों में हम में से ज्यादातर लोग व्रत रखते हैं। व्रत के दौरान जब फलाहार की बात आती है, तो सबसे पहला नाम जुबान पर 'साबूदाना' (Sabudana) का आता है।
साबूदाने की खिचड़ी, वड़े या खीर के बिना तो जैसे व्रत अधूरा सा लगता है। लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि क्या साबूदाना वास्तव में एक 'शुद्ध फलाहार' है? या फिर इसे व्रत में खाना सेहत के लिए कितना सही है?
क्या साबूदाना अनाज है? (शास्त्रों का नजरिया)
सबसे पहले यह जान लें कि साबूदाना किसी पेड़ पर उगने वाला फल या कोई अनाज नहीं है। यह 'सागो पाम' (Sago Palm) नामक पेड़ के तने के गूदे (Starch) से बनाया जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, चूंकि यह सीधे तौर पर अनाज (जैसे गेहूं या चावल) की श्रेणी में नहीं आता, इसलिए इसे व्रत में खाने की अनुमति दी गई है। इसे एक 'शुद्ध स्टार्च' माना जाता है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देने का काम करता है।
कैसे बनता है साबूदाना?
सागो पाम के गूदे को निकालकर उसे मशीनों से छोटे मोतियों का आकार दिया जाता है। इसमें किसी भी तरह के अनाज का मिश्रण नहीं होता। इसलिए, धार्मिक आधार पर इसे फलाहार की श्रेणी में रखना गलत नहीं है। हालांकि, नवरात्र में इसकी स्वच्छता और बनाने के तरीके का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

(Image Source: AI-Generated)
सेहत के लिए 'सुपरफूड' या सिर्फ कैलोरी?
- व्रत में जब हम कम खाते हैं, तो शरीर को कार्बोहाइड्रेट की जरूरत होती है। साबूदाना तुरंत एनर्जी बूस्ट करता है।
- साबूदाना हल्का होता है और पेट को ठंडक पहुंचाता है।
- अगर आप वजन घटाने के लिए व्रत रख रहे हैं, तो सावधान रहें। साबूदाने में काफी कैलोरी होती है। इसे घी और मूंगफली के साथ ज्यादा खाने से वजन बढ़ भी सकता है।
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