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    चाणक्य नीति के ये 4 सूत्र आएंगे आपके काम, रिश्ते में फिर से घोल देंगे प्यार की मिठास

    Updated: Tue, 21 Apr 2026 05:00 PM (IST)

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    चाणक्य नीति के 4 अनमोल सूत्र (Picture Credit- AI Generated)

    चाणक्य नीति के 4 अनमोल सूत्र (Picture Credit- AI Generated)

    HighLights

    1. बाहरी सुंदरता नहीं, ज्ञान और स्वभाव महत्वपूर्ण है

    2. चाणक्य के अनुसार, इस घर में होता है लक्ष्मी का वास

    3. प्रेमपूर्ण साथी रिश्ते की नींव और सबसे बड़ा मित्र।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। चाणक्य नीति जीवन के लिए कई महत्वपूर्ण सीख देती है। आज हम आपको चाणक्य नीति के कुछ ऐसे श्लोक बताने जा रहे हैं, जो रिश्तों को मजबूत बनाने में सहायक साबित हो सकते हैं। चलिए पढ़ते हैं चाणक्य नीति के कुछ ऐसे श्लोक, जो आपके रिश्तों में मिठास घोल सकते हैं।

    सिर्फ न देखें सुंदरता

    1. रूपयौवनसम्पन्ना विशालकुलसम्भवाः।
    विद्याहीना न शोभन्ते निर्गन्धा इव किंशुकाः ॥

    इस श्लोक में आचार्य चाणक्य कहते हैं कि रूप, यौवन और उच्च कुल में जन्म लेने के बावजूद, यदि किसी व्यक्ति को ज्ञान नहीं है, तो वह सुगंधहीन किंशुक (पलाश) के सुंदर फूल के समान निरर्थक और अशोभनीय है। ऐसे में यह जरूरी है कि पार्टनर का चुनाव करें, तो इस बात का ध्यान जरूर रखें कि ऊपरी सुंदरता ही सबकुछ नहीं होती, बल्कि व्यक्ति का स्वभाव और गुण भी देखना चाहिए।

    chanakya AI

    (Picture Credit- AI Generated)

    यहां विराजती हैं मां लक्ष्मी

    2. मूर्खाः यत्र न पूज्यन्ते धान्यं यत्र सुसंचितम् ।
    दाम्पत्योः कलहो नास्ति तत्र श्री स्वयमागता॥

    चाणक्य नीति के इस श्लोक में कहा गया है कि जिस स्थान या घर में मूर्खों को सम्मान नहीं किया जाता, जहां अनाज का सुव्यवस्थित तरीके से भंडारण यानी संचय किया जाता है, और जहां पति-पत्नी के बीच लड़ाई-झगड़े नहीं होते, वहां लक्ष्मी जी का वास बना रहता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

    तभी अच्छे से चलता है रिश्ता

    3. माता यस्य गृहे नास्ति भार्या चाप्रियवादिनी।
    अरण्यं तेन गन्तव्यं यथारण्यं तथा गृहम् ॥

    इस श्लोक का भावार्थ है कि जिसके घर में न माता हो और न स्त्री (पार्टनर) प्रियवादिनी हो, उसे वन में चले जाना चाहिए क्योंकि उसके लिए घर और वन दोनों समान ही हैं। यहां चाणक्य कहना चाहते हैं कि यह जरूरी है कि आपका पार्टनर प्यार से बात करने वाला हो, तभी रिश्ते को अच्छे से चलाया जा सकता है।

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    Chanakya Niti For partner ai

    (Picture Credit- AI Generated)

    कौन है सबसे बड़ा दोस्त?

    4. विद्या मित्रं प्रवासेषु भार्या मित्रं गृहेषु च।
    व्याधितस्यौषधं मित्रं धर्मो मित्रं मृतस्य च॥

    चाणक्य इस श्लोक में उदारहण देते हुए कहते हैं कि, जिस प्रकार रोगी के लिए सबसे बड़ा मित्र दवाई है, ठीक उसी तरह घर में पार्टनर (पत्नी) ही आपका सबसे बड़ा दोस्त होता है, जो सुख-दुःख में आपका साथ निभाता है। इसलिए अपने लाइफ पार्टनर की हमेशा कद्र करनी चाहिए।

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