केवल माथे पर ही नहीं, शरीर के इन अंगों पर भी लगाएं चंदन; मिलते हैं शुभ फल
हिंदू धर्म में पूजा के वक्त चंदन अर्पित करना और स्वयं को लगाने का महत्व बताया गया है। लेकिन चंदन केवल माथे पर नहीं बल्कि शरीर के कुछ और अंगों पर भी लग ...और पढ़ें

पद्म पुराण के अनुसार, चंदन का तिलक शरीर के इन अंगों पर भी लगाएं। (Picture Credit- AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। पूजा-पाठ के दौरान बहुत सारी सामग्रियों का इस्तेमाल होता है, चंदन उनमें से एक है। चंदन सुगंधित और पवित्र वृक्ष की लकड़ी से प्राप्त होता है। इसे भगवान को अर्पित करना और स्वयं धारण करने के कई लाभ हैं। आमतौर पर पूजा करते वक्त जब हम भगवान को चंदन अर्पित करते हैं, तब खुद भी माथे पर चंदन का तिलक लगा लेते हैं। लेकिन चंदन का महत्व केवल माथे पर तिलक के रूप में इसे लगाने भर से समाप्त नहीं होता है।
चंदन को शरीर के अन्य अंगों पर भी लगाना चाहिए। पद्म पुराण के पातालखंड में बताया गया है कि शरीर के अलग-अलग अंगों पर इसे लगाने से क्या फल मिलता है। चलिए हम भी यह जान लेते हैं।
माथे पर चंदन
माथे पर चंदन का तिलक लगाने से ज्ञान, मन को शांति और मानसिक स्थिरता का भाव बढ़ता है। इसे माथे पर लगाने से एकाग्रचित होकर भगवान की भक्ति में मन लगाया जा सकता है। माथे पर सफेद चंदन का तिलक लगाना चाहिए। स्त्री, पुरुष और बच्चे कोई भी माथे पर सफेद चंदन का तिलक लगा सकते हैं। इससे अपने काम को दिल लगाकर करने में मदद मिलती है।
कंठ पर चंदन
भगवान की पूजा के दौरान गले या कंठ पर लाल चंदन लगाने से वाणी में कोमलता और शुद्धता आती है। यह सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक दृष्टि से यह सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने का संकेत देता है। कंठ पर लाल चंदन लगाने से व्यक्ति नपी तुली बातचीत करता है।
हृदय पर चंदन
हृदय स्थान पर चंदन लगाने से व्यक्ति के अंदर प्रेम, भक्ति और पवित्रता का भाव मजबूत होता है। जो लोग ऐसा करते हैं, वे ईश्वर के प्रति आसानी से समर्पण कर पाते हैं और सात्विक जीवन जीना उनके लिए आसान होता है।
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नाभि या छाती पर चंदन
पूजा के बाद नाभि भी सफेद चंदन लगाना चाहिए। इससे व्यक्ति को ऊर्जा, बल और संतुलन की प्राप्ति होती है। जो लोग ऐसा करते हैं, उनमें बहुत संयम होता है। इतना ही नहीं, उनमें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की क्षमता भी गजब की होती है।
अतः चंदन का तिलक शुभ माना जाता है। पूजा में भगवान को चंदन अर्पित करने से पूजा पूर्ण मानी जाती है। चंदन मन को एकाग्र करता है और आध्यात्मिक वातावरण बनाता है। यही कारण है कि देवी-देवताओं की प्रतिमाओं पर चंदन लगाने के साथ-साथ व्यक्ति को वही चंदन अपने शरीर पर भी लगाना चाहिए।
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