शिव-पार्वती से लेकर कामदेव-रति तक: हिंदू धर्म के प्रमुख देवताओं की पत्नियों की पूरी सूची
हिंदू देवताओं और उनकी पत्नियों के नामो, जो उनकी शक्तियों और संबंधों का प्रतीक हैं। इसमें शिव-पार्वती से लेकर विष्णु-लक्ष्मी और राम-सीता जैसे प्रमुख दि ...और पढ़ें

हिंदू देवताओं की पत्नियों के नाम? (Picture Credit: AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म को मानने वाले लोग अपने घरों और मंदिरों में देवी-देवताओं की पूजा करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि, जिन देवताओं की आप पूजा करते हैं, उनकी पत्नियों के क्या नाम है?
हिंदू धर्म में प्रत्येक देव के साथ शक्ति वास करती है, जो उन्हें पूर्णता प्रदान करती हैं। सृष्टि का संचालन और संतुलन बनाए रखने के लिए देव के साथ शक्ति का साथ होना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं हिंदू-देवताओं की पत्नियों के बारे में।
भगवान शिव और माता पार्वती
जब हम भगवान का नाम लेते हैं, तो हमारे मन में अपने आप पार्वती जी का नाम आ जाता है, जो उनके सच्चे रिश्ते, प्रेम, तपस्या और अटूट विश्वास का प्रतीक है। पार्वती जी शिव की शक्ति हैं, उनका अर्धनारीश्वर रूप इस बात का प्रतीक है, कि नारी शक्ति के बगैर पुरुष शक्ति अधूरी है।
भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी
भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का रिश्ता सुख-समृद्धि और पालन पोषण का है। विष्णु जहां सृष्टि के पालनकर्ता हैं, वहीं लक्ष्मी जी उन्हें संसार चलाने में ऐश्वर्य और धन प्रदान करती हैं।
भगवान गणेश और उनकी पत्नी
भगवान गणेश की पत्नी का नाम रिद्धि-सिद्धि है, जिसका मतलब है कि, सफलता। जहां भगवान गणेश बुद्धि के देवता हैं, उनकी दोनों पत्नियां समृद्धि औ सफलता की देवी हैं।
भगवान ब्रह्मा की पत्नी
भगवान ब्रह्मा की पत्नी का नाम सरस्वती है। ब्रह्मा जहां सृष्टि के निर्माता कहे जाते हैं, वहीं सरस्वती उन्हें ज्ञान और वाणी की शक्ति प्रदान करती हैं। बिना ज्ञान के सृष्टि की रचना करना मुश्किल है।
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भगवान राम और माता सीता
भगवान राम की पत्नी माता सीता दोनों के बीच संबंध मर्यादा, समर्पण और पवित्रता की सर्वोच्च मिसाल कायम करता है। हर मुश्किल से मुश्किल दौर में माता सीता ने राम जी का साथ नहीं छोड़ा, जो इस बात का प्रतीक है कि रिश्ते में कितनी ही बड़ी बाधा आए प्यार और विश्वास से सब कुछ संभंव है।
भगवान कृष्ण और रुक्मिणी
भगवान कृष्ण की पत्नी का नाम रुक्मिणी था। दोनों के बीच का संबंध बेहद मधुर और समर्पण से भरा था।
भगवान इंद्र की पत्नी का नाम
स्वर्ग लोक के राजा इंद्र की पत्नी का नाम इंद्राणी या शचि है। उनकी पत्नी देवियों में बेहद शक्तिशाली और सम्माननीय मानी जाती हैं।
भगवान सूर्य की पत्नी का नाम
भगवान सूर्य की पत्नी का नाम संज्ञा है। इनका आपसी संबंध हमें सिखाता है कि, जीवन में तेज और ऊर्जा के साथ संतुलन बनाना काफी जरूरी है। सूर्य देव की दो पत्नियां संज्ञा और छाया।
संज्ञा जो विश्वकर्मा की पुत्री भी थीं, ने तेज को सहन न कर पाने की वजह से अपनी छाया को सूर्य की पत्नी के रूप में छोड़ दिया और तपस्या करने चली गईं। संज्ञा की परछाई से उत्पन्न हुई छाया ने उनका स्थान ले लिया, जिससे सूर्य को लगा कि वे अपनी पहली पत्नी के साथ ही हैं।
भगवान चंद्र और पत्नी रोहिणी
चंद्रमा को शीतल और मन का देवता भी कहा जाता है। उनकी पत्नी का नाम रोहिणी है। उनका संबंध शांति, सौंदर्य और भावनात्मक स्थिरता का प्रतीक है।
इसके अलावा भगवान वरुण की पत्नी का नाम वारुणी
भगवान अग्नि की पत्नी का नाम स्वाहा
भगवान वायु देव की पत्नी का नाम मारुदेवी
भगवान कुबेर की पत्नी का नाम कौवेरी
भगवान कामदेव की पत्नी का नाम
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