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    4 महीने इन 3 राशियों के लिए रहेगा कठिन समय, आर्थिक और मानसिक तनाव के साथ-साथ काम में आएंगी रुकावटें

    Updated: Fri, 24 Jul 2026 02:59 PM (GMT+05:30)

    मिथुन, वृश्चिक और मीन राशि के लिए चातुर्मास 2026 यानी अगस्‍त, सितंबर, अक्‍टूबर और नवंबर का महीना मानसिक तनाव, खर्च और रुकावटों से भरा हो सकता है। जाने ...और पढ़ें

    25 जुलाई 2026 को है देवशयनी एकादशी। (Picture Credit- AI Generated)

    25 जुलाई 2026 को है देवशयनी एकादशी। (Picture Credit- AI Generated)

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    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में चातुर्मास का बहुत बड़ा महत्व है। माना जाता है कि साल में ऐसे चार महीने आते हैं, जब धरती के पालनहार श्री हरि विष्णु जी योग निद्रा में चले जाते हैं। इस दिन की शुरुआत देवशयनी एकादशी से होती है और देवउठानी एकादशी पर चातुर्मास खत्म हो जाता है। लेकिन ये चार महीने कुछ लोगों को फलते हैं, तो कुछ बिल्कुल भी रास नहीं आते हैं। साल 2026 में चातुर्मास के प्रारंभ में ही ऐसे योग बन रहे हैं, जो तीन राशियों के लिए कठिन परिस्थितियां बना सकते हैं।

    एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा के अनुसार साल 2026 की देवशयनी एकादशी 25 जुलाई, शनिवार के दिन पड़ रही है। इस दिन उदया तिथि, ब्रह्म योग और ज्येष्ठा नक्षत्र का संयोग है। इसकी वजह से तीन राशियों के लिए अगले चार महीने थोड़े चुनौती भरे हो सकते हैं। जब सृष्टि के पालनहार विश्राम पर जाएंगे, तो इन राशियों को अपने हर कदम पर सोच-समझकर चलना होगा। चलिए जानते हैं, वो कौन सी तीन राशियां हैं, जिन्हें संभलकर रहने की जरूरत है।

    इन राशियों को रहना होगा सावधान

    मिथुन राशि

    देवशयनी एकादशी से शुरू हो रहे चातुर्मास में मिथुन राशि के लोगों को मानसिक तनाव ज्यादा हो सकता है। दिमाग में उलझन बनी रहेगी और छोटी-छोटी बातों को लेकर चिंता सताएगी। काम करते-करते अचानक रुकावट आ सकती है। जिस काम को आपने पूरा समझ लिया, वो भी बीच में अटक सकता है। इस समय गुस्से में आकर या जल्दबाजी में कोई बात न कहें। अपनी वाणी और व्यवहार पर काबू रखें वरना रिश्तों में खटास आ सकती है। धैर्य रखेंगे तो यह समय आसानी से निकल जाएगा।

    वृश्चिक राशि

    वृश्चिक वालों के लिए इस अवधि में पैसों का आना-जाना सबसे बड़ी परेशानी बन सकता है। अचानक से खर्चे बढ़ जाएंगे। घर की मरम्मत, मेडिकल या किसी जरूरी काम में पैसा लग सकता है जिससे आपका बजट बिगड़ सकता है। उधार देने और लेने में बहुत सावधानी बरतें। इस समय किसी से पैसों को लेकर बहस या विवाद न करें। निवेश सोच-समझकर करें। फालतू की शॉपिंग से बचें। बजट बनाकर चलेंगे तो दिक्कत कम होगी।

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    मीन राशि

    मीन राशि के जातकों के बनते-बनते काम लटक सकते हैं। ऑफिस में प्रमोशन, प्रोजेक्ट या सरकारी काम में देरी हो सकती है। मन में बेचैनी और स्वास्थ्य को लेकर चिंता भी रह सकती है। इस समय कोई भी बड़ा फैसला जैसे नया बिजनेस शुरू करना, बड़ी खरीदारी या प्रॉपर्टी का लेन-देन करने से पहले 2-3 बार सोचें। जल्दबाजी में लिया गया निर्णय नुकसान दे सकता है। सेहत का खास ध्यान रखें और नियमित दिनचर्या अपनाएं।

    चातुर्मास में कष्टों से बचने के अचूक उपाय

    ज्योतिष के अनुसार कुछ आसान उपायों से इस कठिन समय के प्रभाव को कम किया जा सकता है-

    • चातुर्मास में या कम से कम देवशयनी एकादशी के दिन पीले कपड़े पहनें। भगवान विष्णु को पीले फूल, पीली मिठाई और तुलसी के पत्ते अर्पित करें। पीला रंग गुरु और समृद्धि का प्रतीक है। इससे नकारात्मकता दूर होती है।
    • रोज सुबह स्नान करके 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का 108 बार जाप करें। अगर 108 बार संभव न हो तो कम से कम 11 बार जरूर करें। यह मंत्र मन को शांति देता है और बाधाओं को दूर करता है।
    • शाम के समय घर में तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं। दीपक जलाकर तुलसी की परिक्रमा करें। मान्यता है कि तुलसी जी और भगवान विष्णु की पूजा एक साथ करने से घर में सुख-शांति आती है।
    • इस पूरे 4 महीने मांस-मदिरा और तामसिक भोजन से दूर रहें। दान करें। जरूरतमंदों की मदद करें। झूठ और गुस्से से बचें।

    अत: देवशयनी एकादशी से शुरू हो रहा चातुर्मास मिथुन, वृश्चिक और मीन राशि के लिए परीक्षा का समय हो सकता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि डर जाएं। इस समय को धैर्य, संयम और समझदारी से बिताएं।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।