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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Diwali 2024: एक क्लिक में नोट करें धनतेरस, दिवाली से लेकर छठ पूजा की सही डेट

    By Pravin KumarEdited By: Pravin Kumar
    Updated: Thu, 17 Oct 2024 08:22 PM (IST)

    हर वर्ष कार्तिक माह की अमावस्या तिथि पर दिवाली मनाई जाती है। इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। वहीं कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनत ...और पढ़ें

    Diwali 2024: कब और क्यों मनाया जाता है धनतेरस ?
    Diwali 2024: कब और क्यों मनाया जाता है धनतेरस ?

    HighLights

    1. सनातन धर्म में कार्तिक माह का विशेष महत्व है।
    2. इस महीने तुलसी माता की विशेष पूजा की जाती है।
    3. 12 नवंबर के दिन तुलसी विवाह उत्सव मनाया जाएगा।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। कार्तिक का महीना बेहद खास होता है। इस महीने में जगत के पालनहार भगवान विष्णु और मां तुलसी की पूजा की जाती है। यह महीना पूर्णतया भगवान विष्णु को समर्पित होता है। भगवान विष्णु चार महीने के विश्राम के बाद कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को जागृत होते हैं। इस तिथि पर देवउठनी एकादशी मनाई जाती है। इसके अगले दिन तुलसी विवाह मनाया जाता है। इससे पूर्व कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष में धनतेरस और दिवाली समेत कई प्रमुख व्रत त्योहार मनाए जाते हैं। आइए, धनतेरस, दिवाली से लेकर छठ पूजा की सही डेट जानते हैं -

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    कब है धनतेरस ?

    वैदिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 29 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 31 मिनट से शुरू होगी और 30 अक्टूबर को दोपहर 01 बजकर 15 मिनट पर समाप्त होगी। सनातन धर्म में सूर्योदय से तिथि की गणना की जाती है। इसके लिए 29 अक्टूबर को धनतेरस मनाया जाएगा। धनतेरस के दिन पूजा के लिए शुभ समय संध्याकाल 06 बजकर 31 मिनट से लेकर 08 बजकर 13 मिनट तक है।

    कब है दिवाली ?

    वैदिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह की अमावस्या तिथि की शुरुआत 31 अक्टूबर को दोपहर 03 बजकर 52 मिनट से शुरू होगी और 1 नवंबर को संध्याकाल 06 बजकर 16 मिनट पर समाप्त होगी। ज्योतिषियों की मानें तो 1 नवंबर को पूजा हेतु प्रदोष काल की अवधि बहुत कम है। संध्याकाल 06 बजकर 16 मिनट के बाद कार्तिक माह की प्रतिपदा शुरू हो जाएगी। वहीं, 31 अक्टूबर को लक्ष्मी पूजा का शुभ संयोग दोपहर बाद से रात्रि तक है। अत: प्रकांड पंडितों एवं ज्योतिषियों का कहना है कि 31 अक्टूबर के दिन दिवाली मनाना शुभ होगा।

    कब है छठ पूजा ?

    वैदिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि 07 नवंबर को देर रात 12 बजकर 41 मिनट पर शुरू होगी और 08 नवंबर को देर रात 12 बजकर 34 मिनट पर समाप्त होगी। इस प्रकार 05 नवंबर को नहाय-खाय मनाया जाएगा। इसके अगले दिन यानी 06 नवंबर को खरना होगा। वहीं, 07 नवंबर को संध्याकाल का अर्ध्य दिया जाएगा। जबकि , 08 नवंबर को सुबह का अर्घ्य दिया जाएगा। छठ पूजा की तिथि और शुभ मुहूर्त के लिए स्थानीय पंचांग अवश्य देखें। 

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